पश्चिम बर्दवान में 12 नए घाटों को पर्यावरण मंजूरी का इंतजार
आसनसोल , 24 सितंबर (हि. स.)। पश्चिम बर्दवान जिले में बालू की कीमत कम करने और बाजार में बालू की उपलब्धता बढ़ाने को लेकर जिला प्रशासन ने गुरुवार को जिला अधिकारी कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के विधायक एवं उनके प्रतिनिधि, बीडीओ, बीएलआरओ, एडीएम, एसडीओ, एसडीएलआरओ सहित प्रशासनिक अधिकारी और जिले के बालू घाटों के लीजधारक मौजूद रहे।
बैठक में मुख्य रूप से बाजार में बालू की कीमत कम करने, बालू की उपलब्धता बढ़ाने और परिवहन लागत घटाने के उपायों पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी एस. पूनमबालम ने बताया कि जिले में फिलहाल 15 बालू घाट संचालित हैं, जबकि करीब 12 और घाट पर्यावरणीय मंजूरी की प्रतीक्षा में हैं। इन घाटों के शुरू होने के बाद बालू की उपलब्धता बढ़ने और स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
जिलाधिकारी ने बताया कि बैठक में ट्रैक्टरों के पंजीकरण की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। जिन ट्रैक्टर मालिकों को पंजीकरण कराने की आवश्यकता है, उनके पंजीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने की जिम्मेदारी बीडीओ और बीएलआरओ की टीम को दी गई है। प्रशासन का मानना है कि ट्रैक्टरों की उपलब्धता बढ़ने से बालू की ढुलाई में भी सुविधा होगी।
जिलाधिकारी के अनुसार अंडाल, आसनसोल नगर निगम क्षेत्र, दुर्गापुर नगर निगम क्षेत्र और दुर्गापुर-फरीदपुर इलाके में वैध बालूघाट उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे क्षेत्रों में दूर के घाटों से बालू लाने के कारण परिवहन लागत बढ़ने की शिकायत सामने आई है। प्रशासन अब ऐसे स्थानों पर विशेष 'स्टार्टिंग प्वाइंट' या परिवहन व्यवस्था की अनुमति देने की संभावना पर प्रस्ताव भेजेगा।
हालांकि नियमानुसार सामान्य तौर पर बालूघाट से पांच किलोमीटर से अधिक दूरी पर इस तरह का स्टार्टिंग प्वाइंट बनाने की अनुमति नहीं है। जिला प्रशासन ने कहा कि जिन इलाकों में बालूघाट नहीं हैं, वहां विशेष परिस्थिति में लीजधारकों के माध्यम से ऐसी व्यवस्था की जा सकती है या नहीं, इसकी व्यवहार्यता और नियमों की जांच की जाएगी।
बालू की कीमत पर निगरानी के लिए घाटवार अधिकारियों की तैनाती रोटेशन के आधार पर करने का निर्णय लिया गया है। जिन घाटों पर सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं, वहां सीसीटीवी लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से घाट से लेकर बाजार तक बालू की कीमत और आपूर्ति व्यवस्था पर निगरानी रखने की बात कही गई है।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सरकारी योजनाओं के लिए बालू की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जाए। आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण तथा अन्य सरकारी निर्माण कार्यों के लिए आवश्यक बालू उपलब्ध कराने में बीडीओ और बीएलआरओ समन्वय करेंगे।
प्रशासन की ओर से कहा गया कि घाट से ट्रैक्टर को दी जाने वाली बालू की कीमत एक हजार 200 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही बाजार में अंतिम कीमत यानी एंड प्राइस की भी निगरानी करने की बात कही गई। इस संबंध में प्रशासन पुलिस तथा आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट से भी आवश्यक सुझाव और सहयोग लेगा।
बैठक में आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी, दुर्गापुर पश्चिम के विधायक चंद्रशेखर बनर्जी, दुर्गापुर पूर्व के विधायक लखन घोरुई सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही। प्रशासनिक अधिकारियों और बालू घाटों के लीजधारकों ने भी अपने सुझाव और समस्याएं सामने रखीं।
जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून की स्थिति सामान्य होने और बारिश कम होने के बाद बालू से जुड़े काम में और तेजी आने की उम्मीद है। प्रशासन लगातार सरकारी योजनाओं के लिए बालू की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लीजधारकों और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है। उन्होंने कहा कि बारिश समाप्त होने के बाद सड़क मरम्मत का काम तेज किया जाएगा। कई योजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है और कई जगह टेंडर प्रक्रिया भी आगे बढ़ चुकी है। आसनसोल नगर निगम, एडीए, दुर्गापुर नगर निगम और जिला परिषद सहित विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से सड़क मरम्मत का काम कराया जाएगा। मौसम अनुकूल रहने पर अक्टूबर की 10 तारीख तक अधिकतर सड़क मरम्मत कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पश्चिम बर्दवान जिला प्रशासन की वेबसाइट पर सितंबर में जब्त बालू की ई-नीलामी संबंधी नोटिस भी जारी की गई है, जिससे जिले में बालू के नियमन और निगरानी की प्रशासनिक प्रक्रिया जारी होने की पुष्टि होती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

