टिकट विवाद से पांशकुड़ा में सियासी हलचल, सौमेंन महापात्र की नाराज़गी सामने आई
पूर्व मेदिनीपुर, 22 मार्च (हि. स.)। पांशकुड़ा में विधानसभा चुनाव से पहले टिकट नहीं मिलने पर तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सौमेंन महापात्र ने खुलकर नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि अब वे खुद को “लगभग पूर्व विधायक” मान रहे हैं और उनका परिवार भी अब पूर्व जनप्रतिनिधियों की सूची में आ रहा है।
रविवार सुबह सौमेंन महापात्र ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अगर पार्टी उन्हें बुलाती है तो वे प्रचार के लिए तैयार हैं, लेकिन अभी तक उन्हें कोई बुलावा नहीं आया है। उन्होंने संकेत दिया कि बिना बुलाए मैदान में उतरने पर परिणाम खराब होने की जिम्मेदारी उन पर आ सकती है।
इसी बीच, पार्टी के पश्चिम पांशकुड़ा से उम्मीदवार सिराज खान ने स्थिति को संभालने के लिए पहल की। वे खुद सौमेंन महापात्र के घर पहुंचे और उनसे मुलाकात कर चुनाव प्रचार में सहयोग करने की अपील की।
सौमेंन के बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में सवाल उठने लगा है कि क्या तृणमूल के भीतर असंतोष बढ़ रहा है और क्या इसका असर पांशकुड़ा और तमलुक इलाके के चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या सौमेंन महापात्र अपनी नाराज़गी दूर कर पार्टी के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे या यह दूरी चुनावी रणनीति को नया मोड़ देगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

