जमीन कटाव से बालुरघाट के फतेपुर में दहशत
दक्षिण दिनाजपुर, 24 जून (हि. स.)। राज्य बजट में आत्रेयी नदी और काशिया खाड़ी के तट संरक्षण के लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित किए जाने की घोषणा से दक्षिण दिनाजपुर के बालुरघाट ब्लॉक के लोगों में उम्मीद जगी थी। लेकिन इस घोषणा के 24 घंटे भी नहीं बीते कि जमीनी हकीकत ने चिंता बढ़ा दी। काशिया खाड़ी के तेज कटाव ने फतेपुर इलाके में भय का माहौल पैदा कर दिया है। लगातार हो रहे कटाव के कारण किसानों की जमीन नदी में समा रही है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश और डर फैल गया है। सबसे बड़ी चिंता फतेपुर ब्रिज को लेकर है, जो इस क्षेत्र के लोगों के आवागमन का एकमात्र सहारा है।
सूत्रों के अनुसार, ब्रिज के पिलर के पास ही तेजी से मिट्टी खिसक रही है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बढ़ गई है। बुधवार को स्थानीय निवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि वर्षों से प्रशासन को समस्या से अवगत कराने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस लापरवाही के चलते अब लोगों की जिंदगी और आजीविका दोनों खतरे में है। अब सवाल उठ रहा है कि बजट में घोषित 200 करोड़ रुपये क्या समय पर इन संवेदनशील इलाकों में खर्च किए जाएंगे।
फतेपुर के लोगों की मांग है कि ब्रिज को बचाने और कटाव रोकने के लिए युद्धस्तर पर काम शुरू किया जाए, वरना संपर्क व्यवस्था टूटने के साथ बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।मामले को लेकर पंचायत और प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। स्थानीय लोग जल्द सर्वे और ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

