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चोरबागान हादसा : मृतकों के परिजनों से मिले मुख्यमंत्री, 25-25 लाख रुपये की सहायता

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चोरबागान हादसा : मृतकों के परिजनों से मिले मुख्यमंत्री, 25-25 लाख रुपये की सहायता


- प्रत्येक प्रभावित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का आश्वासन

- कलकत्ता हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित होगी जांच समिति

कोलकाता, 20 अक्टूबर (हि. स.)। कोलकाता के चोरबागान में दुर्गापूजा के दौरान मची भगदड़ में जान गंवाने वालों के परिजनों से मिलने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी मंगलवार को विभिन्न जिलों में पहुंचे। नवमी के दिन उन्होंने पूर्व बर्दवान, हुगली, नदिया और हावड़ा में मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक सौंपा। साथ ही प्रभावित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने जिस तत्परता से कदम उठाए हैं, वैसी सक्रियता पिछली सरकार के कार्यकाल में नहीं दिखाई दी थी। इसलिए दोनों सरकारों की तुलना नहीं की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने मंगलवार दोपहर सबसे पहले पूर्व बर्दवान जिले के बीरपुर का दौरा किया। यहां के निवासी 43 वर्षीय टगर बेज और उनके 14 वर्षीय बेटे संदीप बेज की कोलकाता में दुर्गापूजा देखने के दौरान हादसे में मौत हो गई थी। पत्नी और बेटे को खोने वाले संजय बेज से मुख्यमंत्री ने मुलाकात की। करीब 15 मिनट तक बातचीत करने के बाद उन्होंने संजय को दोनों मृतकों के लिए कुल 50 लाख रुपये के चेक सौंपे। साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद संजय बेज ने कहा कि दुर्गापूजा देखने गए थे, लेकिन मुझे अपनी पत्नी और बेटे को खोना पड़ा। पूजा के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री स्वयं हमारे घर आए, हमसे मिले और सांत्वना दी। यह हमारे लिए अप्रत्याशित था। उन्होंने हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।

हुगली और नदिया भी पहुंचे मुख्यमंत्री

पूर्व बर्दवान से मुख्यमंत्री सीधे हुगली जिले के आरामबाग पहुंचे। यहां संजय बेज के रिश्तेदार पियाली प्रामाणिक का परिवार रहता है। पियाली, संजय के साले की पत्नी थीं। वह भी उनके साथ दुर्गापूजा देखने कोलकाता गई थीं, जहां हादसे में उनकी मौत हो गई। मुख्यमंत्री ने आरामबाग के बालिया गांव स्थित उनके घर पहुंचकर परिजनों को 25 लाख रुपये की सहायता का चेक सौंपा। पियाली की मौसी ने मुख्यमंत्री की तत्परता पर संतोष जताया।

इसके बाद मुख्यमंत्री नदिया जिले के चाकदह पहुंचे। यहां की निवासी आरती सरकार की भी चोरबागान में दुर्गापूजा देखने के दौरान भगदड़ में मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री ने उनके परिजनों से मुलाकात कर आर्थिक सहायता का चेक सौंपा।

हावड़ा में भी पीड़ित परिवार से मिले

मुख्यमंत्री ने हावड़ा जिले के लिलुआ स्थित आनंदनगर विद्यासागर पल्ली में आकृति राउत के घर पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात की। चोरबागान हादसे में आकृति की भी मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री ने परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाते हुए 25 लाख रुपये की सहायता का चेक सौंपा।

मृतकों को वापस नहीं ला सकते, लेकिन जिम्मेदारी निभानी होगी : मुख्यमंत्री

पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग चले गए, उन्हें हम वापस नहीं ला सकते। लेकिन इसके बाद की जिम्मेदारी हमें निभानी होगी। यह हमारा कर्तव्य है। चोरबागान की घटना से जिन परिवारों की आंखों में आंसू हैं, उनका दुख हमारा भी दुख है। इसलिए इस बार हम केवल धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन कर रहे हैं और आनंदोत्सव से दूर रह रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने वर्ष 2025 में कोलकाता में बिजली का करंट लगने से 13 लोगों की मौत और दार्जिलिंग के नागराकाटा में अचानक आई बाढ़ से हुई मौतों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं के बाद भी पूजा समारोह, डांडिया और कार्निवल आयोजित किए गए थे। उन्होंने कहा कि पिछली और वर्तमान सरकार के कामकाज में अंतर लोग देख सकते हैं।

सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में होगी जांच

चाकदह में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि चोरबागान हादसे की जांच के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए समिति में पुलिस या कोलकाता नगर निगम के किसी अधिकारी को शामिल नहीं किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / संतोष मधुप