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तृणमूल के अवैध बिलबोर्ड विवाद में एक और कार्यकर्ता गिरफ्तार, कुल गिरफ्तारियां 14 हुईं

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तृणमूल के अवैध बिलबोर्ड विवाद में एक और कार्यकर्ता गिरफ्तार, कुल गिरफ्तारियां 14 हुईं


कोलकाता, 29 अगस्त (हि. स.)। कोलकाता के कमैक स्ट्रीट स्थित डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी के दफ्तर की छत से अवैध बिलबोर्ड हटाने को लेकर हुए विवाद में पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस के एक और कार्यकर्ता को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान तौफिक के रूप में हुई है। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है।

पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक, तौफिक ने गुरुवार दोपहर कोलकाता नगर निगम के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डालने में अहम भूमिका निभाई थी। उसे कोलकाता पुलिस की खुफिया शाखा के एंटी-राउडी दस्ते ने गिरफ्तार किया। बाद में उसे शेक्सपियर सरणी थाने की पुलिस को सौंप दिया गया। इसी थाने में बिलबोर्ड विवाद को लेकर तीन प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।

इस मामले में गिरफ्तार किए गए 13 अन्य आरोपितों को शुक्रवार को कोलकाता की निचली अदालत में पेश किया गया था। अदालत ने उनकी जमानत याचिकाएं खारिज करते हुए सभी को तीन सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

शेक्सपियर सरणी थाने में दर्ज तीन प्राथमिकी में से एक पुलिस अधिकारी की शिकायत पर, दूसरी पार्क स्ट्रीट थाने में तैनात एक पुलिसकर्मी की शिकायत पर और तीसरी कोलकाता नगर निगम की शिकायत पर दर्ज की गई है। पुलिस और निगम की शिकायत पर दर्ज दो प्राथमिकी में अभिषेक बनर्जी, तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ'ब्रायन, पार्टी नेता हुमायूं कबीर और बैश्वानर चटर्जी समेत अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।

गुरुवार दोपहर कमैक स्ट्रीट स्थित अभिषेक बनर्जी के कार्यालय के सामने उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब कोलकाता नगर निगम के अधिकारी पुलिसकर्मियों के साथ अवैध बिलबोर्ड हटाने पहुंचे। अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ'ब्रायन और उनके समर्थकों ने निगम कर्मचारियों तथा पुलिस का रास्ता रोक दिया। अभिषेक बनर्जी ने बिलबोर्ड हटाने के निगम के आदेश की वैधता पर सवाल उठाया था।

डायमंड हार्बर के सांसद ने दावा किया था कि आदेश की प्रति के साथ बिलबोर्ड की तस्वीर संलग्न नहीं थी, इसलिए नोटिस वैध नहीं है। इसके बाद निगम अधिकारी संशोधित आदेश लेने के लिए वापस लौट गए। कुछ ही देर बाद वे संशोधित आदेश के साथ पहुंचे। इस बार पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और निगम अधिकारियों को पुलिस सुरक्षा में इमारत की छत तक पहुंचाया गया।

बताया गया है कि अभिषेक बनर्जी के समर्थकों ने सीढ़ियों पर मानव श्रृंखला बनाकर निगम अधिकारियों का रास्ता रोकने की कोशिश की। इनमें तृणमूल कांग्रेस की कुछ महिला कार्यकर्ता भी शामिल थीं। इस दौरान पुलिस और तृणमूल समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की हुई। अंततः पुलिस ने रास्ता साफ कराया और निगम अधिकारियों ने छत पर पहुंचकर बिलबोर्ड को तोड़कर हटा दिया।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर