आईआईटी खड़गपुर में स्वयं–एनपीटीईएल एसपीओसी कार्यशाला
खड़गपुर, 13 मार्च (हि. स.)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर ने हाल ही में स्वयं–एनपीटीईएल एसपीओसी कार्यशाला (पूर्वी क्षेत्र) का सफल आयोजन किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य पूर्वी भारत के विभिन्न संस्थानों में स्थापित एनपीटीईएल स्थानीय अध्यायों के एकल संपर्क बिंदु (एसपीओसी) प्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित करना तथा उनके योगदान का सम्मान करना था। एनपीटीईएल के पूर्वी क्षेत्र के लिए समन्वयक संस्थान के रूप में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर कार्य कर रहा है।
शुक्रवार दोपहर जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर ने बताया कि कोलकाता के साल्ट लेक स्थित सिटी सेंटर–एक के रॉयल बंगाल कक्षों में आयोजित इस कार्यक्रम में 310 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें विभिन्न संस्थानों के प्रमुख, एसपीओसी प्रतिनिधि, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर के संकाय सदस्य, एनपीटीईएल स्टार पुरस्कार प्राप्तकर्ता तथा आमंत्रित शिक्षाविद शामिल थे।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर सुमन चक्रवर्ती, निदेशक, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने भारत में ऑनलाइन शिक्षा के भविष्य पर अपने विचार साझा किए तथा तकनीकी शिक्षा को भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने “कॉन्सेप्ट कैप्सूल” की अवधारणा भी प्रस्तुत की, जिसके अंतर्गत मूलभूत अवधारणाओं को 15 मिनट के संक्षिप्त वीडियो के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का प्रस्ताव रखा गया है।
इसके बाद प्रोफेसर हैमंती बनर्जी, सह–अधिष्ठाता (सीई एंड टी) एवं एनपीटीईएल समन्वयक, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर ने एनपीटीईएल की वर्तमान एवं आगामी पहलों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इसके पश्चात प्रोफेसर जानकीरमन वीरराघवन, एनपीटीईएल समन्वयक, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास द्वारा एक संवादात्मक प्रश्न–उत्तर सत्र आयोजित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रोफेसर डी. गणदुराई, कुलपति, सेंट जोसेफ विश्वविद्यालय, नागालैंड तथा प्रोफेसर सुमिता दवे, प्रोकुलपति, एमिटी विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ ने एनपीटीईएल की पहलों की सराहना की तथा देश के दूरस्थ एवं वंचित क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यशाला का समापन एक भव्य पुरस्कार समारोह के साथ हुआ, जिसमें जुलाई–अक्टूबर 2025 सत्र के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एनपीटीईएल स्थानीय अध्याय संस्थानों को सम्मानित किया गया तथा एनपीटीईएल पाठ्यक्रमों के 162 शीर्ष प्रदर्शनकर्ताओं को उनके उल्लेखनीय शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया।
इस अवसर पर कार्यशाला ने उच्च गुणवत्ता वाली ऑनलाइन शिक्षा के विस्तार तथा शैक्षणिक क्रेडिट अंतरण नीति के अनुरूप लचीले शिक्षण अवसरों को बढ़ावा देने के प्रति एनपीटीईएल की प्रतिबद्धता को भी दोहराया।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

