14 अगस्त की रात महिलाओं के मार्च का आह्वान, मंत्री अग्निमित्रा पॉल बोलीं- अपनी आजादी के लिए सड़कों पर उतरेंगी महिलाएं
कोलकाता, 12 अगस्त (हि.स.)। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर कोलकाता में महिलाओं की स्वतंत्रता और सुरक्षा के मुद्दे को लेकर नगर एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल के नेतृत्व में मार्च निकाला जाएगा। उन्होंने शहर की महिलाओं से 14 अगस्त की रात इस मार्च में शामिल होने की अपील की है। मार्च रात नौ बजे बालीगंज शिक्षासदन स्कूल के सामने से शुरू होगा और गोलपार्क तक जाएगा। इसके बाद महिलाएं वापस बालीगंज शिक्षासदन पहुंचेंगी, जहां मार्च का समापन होगा।
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि 14 अगस्त की रात सभी महिलाएं बालीगंज शिक्षासदन के सामने रात 9 बजे एकत्रित हों। उन्होंने बताया कि वहां से मार्च पुल के ऊपर से गोलपार्क तक जाएगा और फिर पुल के नीचे से वापस बालीगंज शिक्षासदन लौटेगा। उन्होंने स्कूल की छात्राओं से लेकर महिला पत्रकारों और शहर की अन्य महिलाओं से भी इसमें शामिल होने का आह्वान किया है।
मंत्री ने कहा कि यह मार्च महिलाओं की अपनी स्वतंत्रता के लिए आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपनी इच्छा के अनुसार जब चाहें घर से बाहर निकल सकती हैं और अपनी पसंद के कपड़े पहन सकती हैं। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
अग्निमित्रा पॉल ने इस मुद्दे पर पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान महिलाओं के खिलाफ अपराध होने पर भी कई बार पीड़िताओं के पहनावे, चरित्र और रात में घर से बाहर निकलने को लेकर सवाल उठाए जाते थे।
उन्होंने कहा कि छह महीने या आठ साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म जैसी घटना होने के बाद भी कई बार दोष बच्ची या महिलाओं पर ही मढ़ने की कोशिश की जाती थी। कभी उनके चरित्र पर सवाल उठाए जाते थे तो कभी उनके कपड़ों को जिम्मेदार ठहराया जाता था। यहां तक कहा जाता था कि महिलाएं रात नौ बजे या रात आठ बजे घर से बाहर क्यों निकलीं।
विधानसभा परिसर में मीडिया से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि महिलाएं अब इस तरह की बातें नहीं सुनेंगी। उनके मुताबिक, कोई यह तय नहीं कर सकता कि महिलाएं किस समय घर से बाहर निकलेंगी, क्या पहनेंगी या क्या खाएंगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी है और महिलाओं की स्वतंत्रता पर किसी तरह का प्रतिबंध स्वीकार नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि अगस्त 2024 में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात एक महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म और हत्या का मामला सामने आया था। घटना के विरोध में पूरे पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर आंदोलन हुआ था। कोलकाता में स्वतंत्रता दिवस से पहले 14 अगस्त की रात महिलाओं के नेतृत्व में 'रात दखल' कार्यक्रम आयोजित किया गया था। बड़ी संख्या में महिलाएं और अन्य नागरिक रात में सड़कों पर उतरे थे और पीड़िता के लिए न्याय की मांग की थी।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

