home page

जंगल में मिली नवजात बच्ची, गृहिणी ने बचाई जान

 | 
जंगल में मिली नवजात बच्ची, गृहिणी ने बचाई जान


मालदा, 08 सितंबर (हि. स.)। जिले के हरिश्चंद्रपुर थाना क्षेत्र में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना मंगलवार को सामने आई है। आरोप है कि लक्ष्मीपाड़ा इलाके में जन्म के कुछ ही समय बाद एक नवजात बच्ची को तौलिये में लपेटकर जंगल में छोड़ दिया गया। बच्ची का शरीर रक्तरंजित था और लाल चीटियां रेंग रही थी। इसी दौरान जंगल में गाय लाने गई एक गृहिणी ने बच्ची के रोने की आवाज सुनी और समय रहते उसे बचा लिया।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इलाके की निवासी शंकरी दास रोज की तरह जंगल में गाय लाने गई थी। इसी दौरान उन्हें झाड़ियों के बीच से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज का पीछा करते हुए उन्होंने देखा कि जंगल के बीच तौलिये में लिपटी एक नवजात बच्ची पड़ी हुई है। बच्ची के शरीर पर लाल चीटियां लगी थीं दृश्य देखकर शंकरी दास ने बच्ची को अपनी गोद में उठाया और घर ले आई। उन्होंने बच्ची की प्राथमिक देखभाल की। घटना की जानकारी फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। बाद में बच्ची को इलाज के लिए हरिश्चंद्रपुर ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया। वहां से उसकी हालत बिगड़ने पर उसे चांचल सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

बच्ची को बचाने वाली शंकरी दास ने कहा कि अगर थोड़ी और देर होती तो बच्ची को कुत्ते या सियार नुकसान पहुंचा सकते थे। उन्होंने बताया कि कुछ देर बाद उसी बागान में सियारों का झुंड भी पहुंच गया था। शंकरी दास ने बच्ची के स्वस्थ होने के बाद उसकी पूरी जिम्मेदारी लेने की इच्छा भी जताई है। वहीं, शंकरी दास की ममता और साहस की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार