नेपाल में बाढ़ के बीच तारकेश्वर का पर्यटक लापता, परिवार में चिंता
हुगली, 27 अगस्त (हि.स.)। बुधवार सुबह आखिरी बार फोन पर पत्नी से बात हुई। इसके बाद से कोई संपर्क नहीं हो पाया। नेपाल घूमने गए तारकेश्वर के स्नेहाशीष दत्त के लापता होने से परिवार में चिंता का माहौल है। तारकेश्वर के चावलपट्टी इलाके में स्नेहाशीष दत्त का घर है।
परिवार के अनुसार, गत 21 अगस्त को स्नेहाशीष दत्त कोलकाता की ‘चलो जाई’ टूर एजेंसी के साथ नेपाल घूमने गए थे। टूर एजेंसी के कर्मचारी जयंत सान्याल भी तारकेश्वर के रहने वाले हैं और वह भी उसी टूर में शामिल थे।
परिजनों ने बताया कि अगले दिन पर्यटक रक्सौल पहुंचे और वहां से काठमांडू गए। मंगलवार को सभी काठमांडू में ही थे। बुधवार को नेपाल बॉर्डर पार कर तिब्बत बॉर्डर की ओर जाने की योजना थी। बुधवार सुबह करीब 7:25 बजे स्नेहाशीष ने अपनी पत्नी सोमा दत्त को फोन कर बताया कि वे लोग इमिग्रेशन विभाग की ओर जा रहे हैं। करीब आठ बजे वे वहां पहुंच गए।
इसी दौरान इलाके में अचानक बाढ़ आ गई। जिस समय बाढ़ का तेज प्रवाह आया, उस वक्त स्नेहाशीष सहित कई पर्यटक घटनास्थल पर मौजूद थे। इसके बाद से स्नेहाशीष से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। परिवार लगातार उनकी तलाश और सुरक्षित वापसी की उम्मीद में है।
नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार सुबह कोशी नदी में अचानक आई हड़पपा बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में नेपाल में अब तक मृतकों की संख्या 160 तक पहुंचने की खबर है, जबकि करीब 750 लोग लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, आपदा के बाद 291 विदेशी नागरिकों समेत कम से कम 384 पर्यटकों का पता नहीं चल पाया है। इनमें 142 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के करीब 65 पर्यटकों के नेपाल में फंसे होने की खबर है।
सोशल मीडिया पर सामने आए तस्वीरों और वीडियो में बाढ़ की भयावहता साफ दिखाई दे रही है। तेज पानी के बहाव में घर, सड़कें, पुल और बस्तियां बहती नजर आ रही हैं। कई लोग पानी के तेज प्रवाह में बहते दिखाई दे रहे हैं। पहाड़ों से मिट्टी, पत्थर और पानी का सैलाब नीचे की ओर आने से कई गांव और बस्तियां मलबे में तब्दील हो गई हैं। प्राकृतिक आपदा के बाद पूरे इलाके में तबाही और बर्बादी का मंजर दिखाई दे रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

