नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में कोलकाता में अराजक तत्वों का हिंसक प्रदर्शन, धर्मतल्ला में पुलिस से झड़प
कोलकाता, 24 जुलाई (हि. स.)। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के कथित प्रश्नपत्र लीक के विरोध में शुक्रवार को कोलकाता में प्रदर्शन उग्र हो गया। इसमें करीब 70 फ़ीसदी प्रदर्शनकारी एक विशेष समुदाय के थे और उन्होंने जमकर उत्पात मचाया। यहां कवरेज करने पहुंचे मीडिया के लगभग सभी लोगों पर हमला किया गया। कई लोगों के मोबाइल छीन लिए गए, कैमरे तोड़ने के प्रयास किए गए और हिंसक हमला किया गया है। इसमें कई मीडिया कर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। प्रदर्शनकारी सियालदह से धर्मतल्ला तक निकाले गए विरोध मार्च के दौरान डोरिना क्रॉसिंग पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिससे इलाके में तनाव फैल गया।
वामपंथी छात्र संगठन सएफआई तथा डीएसओ के आह्वान पर निकाले गए इस मार्च में विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। प्रदर्शन में अन्य संगठनों के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। दोपहर करीब 3:10 बजे सियालदह से शुरू हुआ मार्च धर्मतल्ला की ओर बढ़ा।
प्रदर्शनकारी हाथों में झंडे, तख्तियां और बैनर लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। उनकी मांग थी कि नीट प्रश्नपत्र लीक और अन्य अखिल भारतीय प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि डोरिना क्रॉसिंग पर पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए लाठीचार्ज किया। इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जूते और पानी की बोतलें फेंकी तथा नारेबाजी की। हालांकि, पुलिस की ओर से इस संबंध में तत्काल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) को तैनात किया गया। कुछ समय के लिए इलाके में अफरातफरी का माहौल रहा, जिसके बाद पुलिस ने हालात पर नियंत्रण पाया।
उल्लेखनीय है कि नीट प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र संगठन लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को कोलकाता में भी यह प्रदर्शन आयोजित किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

