नरेन्द्रपुर अग्निकांड : डीएनए परीक्षण के जरिए उजागर होने लगी मृतकों की पहचान
मेदिनीपुर, 21 फ़रवरी (हि.स.)। कोलकाता के नरेन्द्रपुर स्थित नाजिराबाद इलाके में हुए भीषण गोदाम अग्निकांड में मारे गए श्रमिकों की पहचान अब डीएनए जांच के जरिए सामने आने लगी है। प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के बाद कई परिवारों की वह आखिरी उम्मीद भी खत्म हो गई, जिसमें वे अपने प्रियजनों के जीवित होने की आस लगाए बैठे थे।
उल्लेखनीय है कि गत 25 जनवरी की रात नाजिराबाद के एक गोदाम में लगी आग में पूर्व मिदनापुर जिले के 21 श्रमिकों की मौत हो गई थी। घटना के बाद कई लोग लापता थे और उनके परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे थे। शुरुआत में परिवारों को उम्मीद थी कि शायद उनके अपने किसी अस्पताल में भर्ती हों या कहीं सुरक्षित पहुंच गए हों, लेकिन समय बीतने के साथ चिंता और गहराती गई।
अंततः मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए परीक्षण कराया गया। तामलुक, पांशकुड़ा, मयना, नंदकुमार, सुताहाटा और शहीद मातंगिनी ब्लॉक के 21 परिवारों से नमूने लिए गए थे। प्रशासन के अनुसार अब तक 16 लोगों का डीएनए मिल चुका है, जिसकी सूचना शुक्रवार को परिवारों को फोन कर दी गई। यह खबर मिलते ही कई घरों में मातम पसर गया।
लापता श्रमिकों के परिजनों ने बताया कि ब्लॉक कार्यालय से फोन कर डीएनए रिपोर्ट मिलने की जानकारी दी गई और आगे की प्रक्रिया के लिए उन्हें थाने बुलाया गया है। वहीं कुछ परिवारों को अब भी रिपोर्ट का इंतजार है और वे अनिश्चितता के बीच अपने प्रियजनों की खबर मिलने की आस लगाए हुए हैं।
जिलाधिकारी यूनिस ऋषिन इस्माइल ने बताया कि अग्निकांड में जिले के कुल 21 लोग लापता थे और उनकी पहचान के लिए डीएनए टेस्ट कराया गया था। अभी तक 16 लोगों की रिपोर्ट मैच हो चुकी है, जबकि शेष लोगों की रिपोर्ट आने की प्रक्रिया जारी है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जिन मृतकों की पहचान हो चुकी है, उनके अवशेष कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद परिजनों को सौंपे जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि बाकी परिवारों को भी जल्द रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए जांच तेज कर दी गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

