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कोयला क्षेत्रों में विकास को गति, ईसीएल ने बढ़ाया सामुदायिक निवेश

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पश्चिम बर्दवान, 16 जून (हि. स.)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले नेता के रूप में चार हजार 399 दिन पूरे होने के अवसर पर ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) ने पूर्वी भारत के कोयला क्षेत्रों में विकास आधारित पहलों को और मजबूत करने का दावा किया है। कंपनी ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) नीति के तहत स्थानीय विकास को प्राथमिकता देते हुए लगभग 80 प्रतिशत व्यय अपनी खनन परियोजनाओं के 25 किलोमीटर के दायरे वाले क्षेत्रों में केंद्रित किया है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्धारित 7.51 करोड़ के बजट के मुकाबले ईसीएल ने लगभग 8.82 करोड़ खर्च किए, जो तय लक्ष्य से अधिक है। यह राशि मुख्य रूप से स्वास्थ्य, पोषण, कौशल विकास और आजीविका संवर्धन कार्यक्रमों पर खर्च की गई।

कंपनी ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण, ग्रामीण अवसंरचना विकास, जलाशयों के पुनर्जीवन और सिंचाई व्यवस्था सुधार जैसे कार्यों पर जोर दिया। विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और परियोजना प्रभावित समुदायों को रोजगार से जोड़ने के लिए कौशल विकास कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

ईसीएल ने पर्यावरण संरक्षण और उत्तरदायी खनन को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। कंपनी का कहना है कि उसकी विकास योजनाएं केवल खर्च तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक बदलाव और स्थानीय समुदायों की क्षमता निर्माण पर केंद्रित हैं।

पश्चिम बंगाल और झारखंड में संतुलित निवेश के जरिए ईसीएल ने खुद को क्षेत्रीय विकास के महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा