राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर कोलकाता में बुनकरों के सम्मान और योजनाओं पर जोर
कोलकाता, 07 अगस्त (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में 12वां राष्ट्रीय हथकरघा दिवस शुक्रवार को कोलकाता के शिल्प सदन सभागार में राज्य स्तरीय समारोह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के अधीन बुनकर सेवा केंद्र, कोलकाता ने पश्चिम बंगाल सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा वस्त्र विभाग के सहयोग से किया।
समारोह में पश्चिम बंगाल सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा वस्त्र विभाग के राज्य मंत्री अशोक डिंडा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुप कुमार अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त बुनकरों, केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, हथकरघा कारीगरों, डिजाइनरों, उद्यमियों तथा राज्य के प्रमुख हथकरघा समूहों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
प्रतिवर्ष सात अगस्त को मनाया जाने वाला राष्ट्रीय हथकरघा दिवस वर्ष 1905 में कोलकाता के टाउन हॉल से प्रारंभ हुए ऐतिहासिक स्वदेशी आंदोलन की स्मृति में आयोजित किया जाता है। भारत सरकार ने वर्ष 2015 में इस दिवस की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य देश के हथकरघा बुनकरों के योगदान का सम्मान करना तथा भारत की समृद्ध हथकरघा परंपरा को बढ़ावा देना है।
समारोह में पारंपरिक बुनाई कला के संरक्षण के साथ नवाचार, गुणवत्ता सुधार तथा हथकरघा उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया।
हथकरघा सप्ताह के अवसर पर बुनकर सेवा केंद्र, कोलकाता ने राजकीय कला एवं शिल्प महाविद्यालय, कोलकाता में जागरूकता एवं डिजाइन कार्यक्रम का आयोजन किया। इसके साथ ही नदिया के फुलिया, पश्चिम मेदिनीपुर के बसुदेबपुर, कूचबिहार के तुफानगंज, पूर्व बर्दवान के समुद्रगढ़ तथा हुगली के बेगमपुर स्थित प्रमुख हथकरघा क्षेत्रों में भी जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम के दौरान विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय, वस्त्र मंत्रालय की विभिन्न प्रमुख योजनाओं की जानकारी दी गई। इनमें लघु समूह विकास कार्यक्रम, हथकरघा संवर्धन सहायता, समर्थ कौशल उन्नयन कार्यक्रम, हथकरघा विपणन सहायता, इंडिया हैंडलूम मार्क, इंडिया हैंडलूम ब्रांड, बुनकर मुद्रा योजना, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक कार्यशाला निर्माण, बुनकरों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजना तथा प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाएं प्रमुख रहीं।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

