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नारायणगढ़ हाट में वर्षों बाद फिर शुरू हुई पारंपरिक काली पूजा

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नारायणगढ़ हाट में वर्षों बाद फिर शुरू हुई पारंपरिक काली पूजा


पश्चिम मेदिनीपुर, 5 नवंबर (हि.स.)। पश्चिम मेदिनीपुर जिले के नारायणगढ़ हाट परिसर में वर्षों से बंद पड़ी पारंपरिक काली पूजा एक बार फिर शुरू हो गई है। स्थानीय ग्रामीणों की पहल पर अस्थायी मंदिर बनाकर मां काली की पूजा शुरू की गई है। लंबे समय बाद पुरानी परंपरा की वापसी से क्षेत्र के लोगों में खुशी है।

स्थानीय निवासी रामकृष्ण बेरा अनुसार, पहले नारायणगढ़ हाट परिसर में मां काली का एक मंदिर था। ग्रामीण सामूहिक रूप से वहां पूजा का आयोजन करते थे। हालांकि, बाद में हाट संचालन समिति के साथ मतभेद होने के कारण पूजा बंद हो गई। इसके बाद कई वर्षों तक यहां काली पूजा का आयोजन नहीं हुआ।

स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा नेताओं के सहयोग से पूजा दोबारा शुरू करने की पहल की गई। इसके तहत गांव के लोगों ने एकजुट होकर अस्थायी मंदिर का निर्माण कराया और वहां पत्थर की मां काली की प्रतिमा स्थापित कर पूजा शुरू की।

इस संबंध गुरुवार को स्थानीय भाजपा नेता प्रद्युत भुइयां ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि नारायणगढ़ हाट में लंबे समय से काली पूजा होती आ रही थी। स्थानीय लोग ही सामूहिक रूप से इसका आयोजन करते थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से पूजा बंद थी। ग्रामीणों के उनके पास पहुंचने के बाद सर्वसम्मति से पूजा दोबारा शुरू कराने में सहयोग करने का निर्णय लिया गया।

उन्होंने बताया कि काली पूजा के दिन स्थायी मंदिर की स्थापना की दिशा में भी पहल करने की योजना है, ताकि स्थानीय लोग सालभर मंदिर में पहुंचकर मां काली की पूजा-अर्चना कर सकें।

लंबे समय से बंद पड़ी धार्मिक परंपरा को फिर से शुरू करने की इस पहल से इलाके में उत्साह का माहौल है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता