हुगली स्टेशन पर रेलकर्मी का क्षत-विक्षत शव मिलने से सनसनी
हुगली, 07 अगस्त (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के हुगली रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह एक रेलकर्मी का दो टुकड़ों में बंटा शव रेलवे ट्रैक से बरामद होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान कमल सेनापति (53) के रूप में हुई है, जो रेलवे में पब्लिक वर्क्स इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थे। घटना को लेकर आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
मिली जानकारी के अनुसार, कमल सेनापति का घर हुगली जिले के बलागढ़ (बैंडेल) क्षेत्र में है। शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे वह चंदननगर स्थित अपने कार्यस्थल जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन कार्यालय पहुंचने के बजाय हुगली स्टेशन के अप लाइन नंबर तीन पर ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे में उनका शव दो हिस्सों में बंट गया। सूचना पाकर बैंडेल जीआरपी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चुचुड़ा इमामबाड़ा जिला अस्पताल भेज दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतक के सहकर्मी भी जीआरपी थाने पहुंचे।
सहकर्मियों के अनुसार, कमल सेनापति को शुक्रवार को चंदननगर जाना था, लेकिन उनका शव बैंडेल की दिशा वाली अप लाइन पर मिला। इसे लेकर मामले में रहस्य गहरा गया है।
रेल कर्मचारियों और रेलवे मेन्स यूनियन का आरोप है कि रेलवे में कर्मचारियों की भारी कमी के कारण मौजूदा कर्मचारियों पर अत्यधिक कार्यभार डाला जा रहा है। उनका दावा है कि कर्मचारियों को पर्याप्त अवकाश नहीं मिल रहा और कई बार उन्हें लगभग 24 घंटे तक ड्यूटी करने के लिए मजबूर किया जाता है।
सहकर्मियों का यह भी आरोप है कि कमल सेनापति पर पिछले कुछ दिनों से मानसिक दबाव बनाया जा रहा था। उन्हें निलंबन की धमकी भी दी गई थी, जिसके चलते वह मानसिक तनाव में थे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
रेलवे मेन्स यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारियों पर बढ़ते मानसिक दबाव के मुद्दे का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन शुरू करेंगे। यूनियन का कहना है कि इस संबंध में डिविजनल रेलवे मैनेजर (डीआरएम) को पहले ही अवगत कराया जा चुका है।
बैंडेल जीआरपी के अनुसार, इस मामले में अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

