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आसनसोल में एनएसआईसी ने लगाया जागरूकता शिविर

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आसनसोल में एनएसआईसी ने लगाया जागरूकता शिविर


आसनसोल, 22 सितंबर (हि. स.)। भारत सरकार की संस्था राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (एनएसआईसी) की ओर से एससी-एसटी उद्यमियों के लिए आसनसोल के रवीन्द्र भवन में विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में चित्तरंजन रेल इंजन कारखाना, दुर्गापुर स्टील प्लांट समेत कई सरकारी संस्थानों के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य एससी-एसटी वर्ग के उद्यमियों को सरकारी योजनाओं, सरकारी खरीद प्रक्रिया और कारोबार के अवसरों की जानकारी देना था।

एनएसआईसी के जोनल जनरल मैनेजर डॉ. अनुपम राय ने बताया कि एनएसआईसी भारत सरकार के एससी-एसटी हब के रूप में काम करता है और उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूरे देश में विशेष वेंडर डेवलपमेंट कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिसके जरिए छोटे उद्यमियों को सरकारी संस्थानों के साथ कारोबार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

डॉ. राय के अनुसार, केंद्र सरकार की सरकारी खरीद व्यवस्था में एससी-एसटी उद्यमियों के लिए चार प्रतिशत खरीद का प्रावधान है। इसके अलावा एमएसएमई मार्ट के माध्यम से उद्यमी अपने उत्पादों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित और बेच सकते हैं। उन्होंने इसे भारत सरकार का ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म बताते हुए कहा कि छोटे उद्योगों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में यह महत्वपूर्ण माध्यम है।

उन्होंने कहा कि वह कोलकाता के साल्टलेक से आए हैं और बंगाल तथा बिहार क्षेत्र की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनका मुख्य उद्देश्य छोटे-छोटे उद्योगों को बढ़ावा देना और अधिक से अधिक लोगों को उद्यमिता से जोड़ना है। इसके साथ ही पीएम विश्वकर्मा योजना सहित केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

डॉ. राय ने कहा कि जागरूकता और प्रचार-प्रसार की कमी के कारण अभी भी अपेक्षित संख्या में उद्यमी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आगे नहीं आ पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछली बार 400 पंजीकरण का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन करीब 64 उद्यमी ही इससे जुड़ सके। उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में कई लोग अपने अधिकारों और उपलब्ध सुविधाओं से परिचित नहीं हैं और इसी वजह से वे आवेदन भी नहीं कर पाते। इस जानकारी को आम लोगों तक पहुंचाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और 'लोकल फॉर वोकल' की भावना को मजबूत करने के लिए उद्यमियों को अपने उत्पादों और उपलब्ध बाजारों की जानकारी होना जरूरी है।

डॉ. राय ने कहा कि देश में चीन से आयात पर निर्भरता कम करने के लिए स्थानीय स्तर पर छोटे उद्योगों और उद्यमियों को मजबूत करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से जागरूकता शिविर आयोजित किया गया, ताकि सरकारी संस्थानों, उद्यमियों और संबंधित विभागों के बीच समन्वय बढ़े और छोटे उद्योगों को आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिल सकें।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा