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महुआ मोइत्रा ने जेन-जी को दिया लोकतंत्र बचाने का श्रेय

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महुआ मोइत्रा ने जेन-जी को दिया लोकतंत्र बचाने का श्रेय


कोलकाता , 26 जुलाई (हि. स.)। तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो संदेश साझा कर देश के युवाओं, विशेषकर जेन-जी की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि 25 जुलाई भारतीय लोकतंत्र के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। उनके अनुसार, पिछले 12 वर्षों में पहली बार देश के युवाओं ने अपने साहस, एकजुटता और लोकतांत्रिक शक्ति के दम पर सरकार को झुकने के लिए मजबूर कर दिया।

महुआ मोइत्रा ने कहा कि भारत की असली ताकत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनकी कैबिनेट, दिल्ली पुलिस या केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के पास नहीं, बल्कि देश की जनता के पास है। उन्होंने कहा कि जब भारत के युवाओं ने अपनी शक्ति का इस्तेमाल किया तो सत्ता को झुकना पड़ा। उन्होंने युवाओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने अद्भुत साहस और निडरता का परिचय दिया है और यह सिर्फ शुरुआत है।

उन्होंने अपने वीडियो में दावा किया कि आंदोलन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया, आत्महत्या करने वाले पीड़ितों के परिवारों को मुआवजा देने का फैसला लिया गया है तथा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जानी चाहिए।

महुआ मोइत्रा ने कहा कि अब आंदोलन का अगला चरण 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा कथित अत्यधिक बल प्रयोग और बर्बरता के मामलों को अदालत तक ले जाना है। उन्होंने बताया कि स्वतंत्र पत्रकारों की तस्वीरों और वीडियो के आधार पर ऐसे मामलों का दस्तावेजीकरण किया गया है और वकीलों की एक टीम इस पर काम कर रही है। उनके अनुसार, इस संबंध में करीब 30 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कई पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई के दौरान अपने नेम बैज हटा दिए थे, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया। उन्होंने लोगों से अपील की कि जिनके पास ऐसे पुलिसकर्मियों की तस्वीरें या वीडियो हैं, वे उन्हें उपलब्ध कराएं ताकि संबंधित अधिकारियों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जा सके।

महुआ मोइत्रा ने कहा कि कोई भी पुलिस अधिकारी या सीएपीएफ कर्मी कानून से ऊपर नहीं है। यदि किसी ने शांतिपूर्ण और निर्दोष प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया है तो उसे जवाबदेह ठहराया जाएगा।

अपने संदेश के अंत में उन्होंने देश के युवाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय लोकतंत्र को बचाया और सत्ता को फिर से जनता के हाथों में लौटाने का काम किया। उन्होंने कहा, जेन-जी का धन्यवाद, जिन्होंने लोकतंत्र को बचाया और सत्ता को वहीं लौटाया, जहां उसका वास्तविक अधिकार है, यानी जनता के पास।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा