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जनसंख्या नियंत्रण की समस्या देश की सबसे गंभीर समस्या है : अभिनेता देव

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जनसंख्या नियंत्रण की समस्या देश की सबसे गंभीर समस्या है : अभिनेता देव


आसनसोल, 29 अप्रैल (हि. स.)। कोलकाता में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान के दौरान अभिनेता और तृणमूल कांग्रेस सांसद दीपक अधिकारी (देव) ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। हर बार की तरह इस बार भी उन्होंने अपने पूरे परिवार के साथ साउथ सिटी इंटरनेशनल स्कूल स्थित मतदान केंद्र पर वोट डाला। वह रासबिहारी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत अपने मतदान केंद्र पहुंचे, जहां उन्हें देखते ही आम मतदाताओं में उत्साह और हलचल देखी गई।

देव अपने माता-पिता और बहन के साथ मतदान केंद्र पहुंचे। मतदान के बाद उन्होंने लोगों से लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर वोट की अपनी अहमियत होती है और सभी को अपने मताधिकार का प्रयोग जरूर करना चाहिए।

मतदान के बाद मीडिया से बातचीत में देव ने राज्य में मतदाता सूची को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अगर राज्य के सात करोड़ 30 लाख मतदाताओं में से 90 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से काट दिए जाते हैं, तो यह बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले चुनाव में 85 प्रतिशत मतदान हुआ था और इस बार भी अधिक मतदान लोकतंत्र को और मजबूत करेगा।

उनका कहना था कि प्रत्येक वोट की अहमियत है और सभी को अपने मताधिकार का प्रयोग कर एक अच्छी सरकार चुननी चाहिए। जनसंख्या नियंत्रण के मुद्दे पर देव ने कहा कि देश के सामने यह एक बड़ी समस्या है और इसे लेकर एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर अगले पांच वर्षों में इस दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने चीन की आबादी और क्षेत्रफल का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में जनसंख्या नियंत्रण पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।

देव ने कहा कि वह पिछले एक महीने से अपनी पार्टी के लिए प्रचार कर रहे हैं और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में सरकार बनने को लेकर आशावादी हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि वह कोई भविष्यवाणी नहीं कर सकते, लेकिन उनकी पहली प्राथमिकता लोगों से अपने पसंदीदा उम्मीदवार को वोट देने की अपील करना है।

हाल ही में एक मतदाता को लुंगी पहनकर मतदान केंद्र में प्रवेश नहीं करने देने के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए देव ने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, जहां सभी धर्म, जाति और वेशभूषा का सम्मान किया जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी को कपड़ों के आधार पर मतदान से रोकना न्यायसंगत है।

उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार ऐसे अन्याय के खिलाफ लड़ रही है।उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में जनता ही जनार्दन होती है। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री आते-जाते रहते हैं, लेकिन अंतिम निर्णय जनता का ही होता है। अगर जनता 2026 के चुनाव की व्यवस्था को स्वीकार करती है, तो उसे सिर माथे पर रखा जाएगा। लोकतंत्र में अंतिम फैसला हमेशा जनता का ही होता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा