दार्जिलिंग में माउंटेन रेलवे समन्वय समिति की बैठक, हेरिटेज संरक्षण और आधुनिकता पर जोर
दार्जिलिंग, 01 मई (हि. स.)। भारत की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग विरासत को वैश्विक स्तर पर संरक्षित रखने के उद्देश्य से दार्जिलिंग में माउंटेन रेलवे कोऑर्डिनेशन कमेटी की 2026 की त्रैमासिक बैठक शुक्रवार को आयोजित की गई।
इस सम्मेलन की मेजबानी दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे (डीएचआर) ने की।
बैठक में आधुनिक रेल सेवाओं और विरासत संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। यह उच्चस्तरीय सम्मेलन रेलवे बोर्ड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (हेरिटेज) की अध्यक्षता में आयोजित किया गया, जिसमें देश के सभी प्रमुख पर्वतीय रेल नेटवर्क के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
इस दौरान नीलगिरि माउंटेन रेलवे, कालका-शिमला रेलवे, माथेरान हिल रेलवे और कांगड़ा वैली रेलवे के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर पर्वतीय रेल के भविष्य को लेकर अपने विचार साझा किए।
डीएचआर के डायरेक्टर ऋषभ चौधुरी ने बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य पहाड़ी क्षेत्रों में रेल संचालन से जुड़ी चुनौतियों का समाधान निकालते हुए एक मजबूत और एकीकृत संरक्षण ढांचा तैयार करना है। अधिकारियों ने इस बात पर सहमति जताई कि दीर्घकालिक स्थिरता के लिए विरासत संरक्षण के साथ-साथ नवाचार और समन्वित रणनीति बेहद जरूरी है।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

