बालुरघाट में ‘मोदी की झालमुड़ी’ चर्चा में, लेकिन कारोबार पर ख़ास असर नहीं
दक्षिण दिनाजपुर, 13 मई (हि. स.)। भाजपा की जीत के बाद राज्य की राजनीति में ‘मोदी की झालमुड़ी’ चर्चा का विषय बन गई है। जीत के जश्न के दौरान कई जगहों पर झालमुड़ी बांटी गई। यहां तक कि नव-निर्वाचित भाजपा विधायक विद्युत कुमार राय ने जिला अदालत पहुंचकर सहकर्मियों, वकीलों और आम लोगों को झालमुड़ी खिलाकर खुशी साझा की।
हालांकि इस बढ़ती चर्चा के बावजूद स्थानीय विक्रेताओं का कहना है कि उनके रोज़मर्रा के कारोबार पर इसका खास असर नहीं पड़ा है।
विक्रेताओं के मुताबिक, वोटों की गिनती वाले दिन अच्छी बिक्री हुई थी, जब बड़ी मात्रा में झालमुड़ी खरीदकर लोगों में बांटी गई, लेकिन उसके बाद स्थिति सामान्य हो गई।
झालमुड़ी विक्रेता गौतम मंडल, जो थाने मोड़ पर लंबे समय से यह व्यवसाय कर रहे हैं, ने बताया कि अब ग्राहक अक्सर मज़ाक में “मोदी जी वाली झालमुड़ी” मांगते हैं। चर्चा बढ़ी है, लेकिन बिक्री में बड़ा उछाल नहीं आया।
इसी तरह मंगलबुर के विक्रेता संजय सरकार का कहना है कि लोगों की दिलचस्पी जरूर बढ़ी है, पर इससे रोजगार में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। उनका मानना है कि अगर सरकार छोटे व्यापारियों के लिए आर्थिक सहायता और लोन की व्यवस्था करे, तो उन्हें ज्यादा फायदा होगा।
ग्राहकों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर उत्सुकता देखी जा रही है। कॉलेज के छात्र इसे मज़ाक में “वीआईपी फूड” कह रहे हैं और दोस्तों के साथ झालमुड़ी खाने पहुंच रहे हैं।
कुल मिलाकर, राजनीतिक चर्चा में झालमुड़ी भले ही एक प्रतीक बन गई हो, लेकिन छोटे विक्रेताओं की अब भी —आर्थिक सुरक्षा, सरकारी सहयोग और स्थिर आय का अवसर असली जरूरत है।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

