शरतचंद्र की स्मृतियों से जुड़े देवानंदपुर पहुंचे विधायक समेत प्रतिनिधिमंडल, पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना
हुगली, 23 सितंबर (हि. स.)। कथाशिल्पी शरतचंद्र चटर्जी की जन्मभूमि और उनकी स्मृतियों से जुड़े हुगली के देवानंदपुर को और सुंदर एवं आकर्षक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की पहल की जा रही है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व और शरतचंद्र से जुड़े स्मृति स्थलों को नए सिरे से संरक्षित और विकसित करने की योजना पर काम शुरू किया गया है।
कुछ दिन पहले पश्चिम बंगाल की पर्यटन राज्यमंत्री पूर्णिमा चक्रवर्ती देवानंदपुर पहुंची थीं। उन्होंने शरतचंद्र चटर्जी से जुड़े विभिन्न स्थानों का दौरा करने के साथ ही देवानंदपुर को आने वाले दिनों में बेहतर और आकर्षक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर चर्चा की थी।
इसी योजना को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से बुधवार को चुंचुड़ा के विधायक सुबीर नाग के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल देवानंदपुर स्थित शरतचंद्र चटर्जी स्मृति पुस्तकालय पहुंचा। यहां शरतचंद्र की स्मृतियों से जुड़े स्थलों के संरक्षण, बुनियादी सुविधाओं के विकास और देवानंदपुर को पर्यटन मानचित्र पर और महत्वपूर्ण स्थान दिलाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
शरतचंद्र चटर्जी की जयंती के अवसर पर इस वर्ष विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था। इसी क्रम में उनकी जन्मभूमि देवानंदपुर के ऐतिहासिक महत्व और उनसे जुड़े स्मृति स्थलों को पर्यटन के लिहाज से विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

