क्रांतिकारी खुदीराम बोस के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि देने पहुंचीं विधायक शिउली साहा, ग्रामीणों ने लगाए ‘गो बैक’ के नारे
पश्चिम मेदिनीपुर, 11 अगस्त (हि. स.)। महान क्रांतिकारी बलिदानी खुदीराम बोस के बलिदान दिवस पर मंगलवार को उनके स्मृति स्थल मोहबनी में श्रद्धांजलि देने पहुंचीं केशपुर की विधायक शिउली साहा को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले ही विधायक के खिलाफ ग्रामीणों के एक समूह ने प्रदर्शन शुरू कर दिया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि करीब 10 वर्षों से विधायक रहने के बावजूद शिउली साहा ने केशपुर के बुनियादी ढांचे के विकास और क्रांतिकारी खुदीराम बोस के पैतृक आवास के संरक्षण के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए। ग्रामीणों का कहना है कि मंगलवार को बलिदान दिवस के अवसर पर विधायक के महबनी पहुंचते ही लोगों का पुराना आक्रोश सामने आ गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लोगों के एक समूह ने विधायक के खिलाफ ‘गो बैक’ नारे लगाए। इसकी वजह से कार्यक्रम स्थल पर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। कार्यक्रम के लिए मुख्य मंच मुख्यमंत्री और अन्य विशिष्ट अतिथियों के लिए तैयार किया गया था।
बताया गया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने तक विधायक शिउली साहा महबनी परिसर में मौजूद रहीं। विरोध का सामना करने के बाद वह मुख्य मंच पर नहीं गईं और बाद में वहां से निकल गईं।
घटना को लेकर विधायक शिउली साहा की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
प्रदर्शनकारियों में शामिल एक महिला ने विधायक और उनके समर्थकों पर गंभीर आरोप लगाए। महिला ने खुद को उत्पल पांजा की मां बताते हुए कहा कि शिउली साहा और उनके लोगों ने उनके परिवार पर कथित रूप से अत्याचार किया है।
महिला का आरोप है कि लोगों को भेजकर उनके पति के साथ मारपीट कराई गई, जिसके कारण वह स्थायी रूप से दिव्यांग हो गए। उन्होंने विधायक के खिलाफ कार्रवाई और अपने परिवार को कथित उत्पीड़न से राहत दिलाने की मांग की।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

