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महाभारत की उत्तरा के नाम से जुड़ा उत्तरश्वर, सावन के आखिरी सोमवार को उमड़ा भक्तों का सैलाब

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महाभारत की उत्तरा के नाम से जुड़ा उत्तरश्वर, सावन के आखिरी सोमवार को उमड़ा भक्तों का सैलाब


महाभारत की उत्तरा के नाम से जुड़ा उत्तरश्वर, सावन के आखिरी सोमवार को उमड़ा भक्तों का सैलाब


पश्चिम बर्दवान, 17 अगस्त (हि. स.)। सावन महीने के आखिरी सोमवार को जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के श्यामला इलाके में स्थित प्राचीन उत्तरेश्वरशिव मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बाबा के शिवलिंग पर जल चढ़ाकर पूजा करने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु लंबी कतार में खड़े नजर आए। लोकश्रुति के अनुसार, जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के श्यामला इलाके में स्थित प्राचीन उत्तरेश्वर मंदिर का इतिहास महाभारत के वीर अर्जुन के पुत्र अभिमन्यु की पत्नी उत्तरा के नाम से जुड़ा हुआ है।

सोमवार को जामुड़िया के विधायक डॉ. बिजन मुखर्जी भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ में नजर आए। कांवर कंधे पर लेकर मंदिर पहुंचे विधायक ने शिवलिंग पर जल अर्पित किया। श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करने के बाद उन्होंने स्थानीय लोगों के सुख, शांति और मंगल की कामना करते हुए प्रार्थना की।

सावन के आखिरी सोमवार के अवसर पर दिन चढ़ने के साथ उत्तरश्वर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ती गई। भक्ति, आराधना और ‘बोल बम’ के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा।

इस अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए विशेष मिठाई वितरण की भी व्यवस्था की गई थी। श्यामला क्षेत्र के भुड़ी गांव के कुछ निवासियों की पहल पर मंदिर परिसर में जीआई मान्यता प्राप्त बर्दवान की प्रसिद्ध पारंपरिक मिठाई सीताभोग का वितरण किया गया। आयोजकों के अनुसार, करीब पांच से छह हजार श्रद्धालुओं के लिए सीताभोग की व्यवस्था की गई थी। विधायक ने इस पहल की सराहना करते हुए आयोजकों का आभार जताया।

पूजा के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए डॉ. बिजन मुखर्जी ने कहा कि बाबा का आशीर्वाद लेने और मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना के लिए हजारों लोग आज उत्तरश्वर मंदिर पहुंचे हैं। मैंने भी सभी के साथ श्रद्धापूर्वक भोलेनाथ की पूजा की और लोगों के मंगल की कामना की।

विधायक ने मंदिर तक पहुंचने वाली सड़क की वर्तमान स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुख्य सड़क से मंदिर तक जाने वाला रास्ता काफी संकरा है और सड़क के दोनों ओर काफी मात्रा में झाड़ियां एवं खरपतवार उग आए हैं। आने वाले दिनों में मंदिर तक पहुंचने वाले इस रास्ते को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक पहल करने का उन्होंने आश्वासन दिया।

वहीं, सीताभोग वितरण के आयोजकों ने बताया कि हर वर्ष सावन के आखिरी सोमवार को उत्तरश्वर मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए उनकी ओर से भोजन या मिठाई की व्यवस्था की जाती है। इस वर्ष विशेष रूप से बर्दवान से सीताभोग मंगाया गया था। आयोजकों ने अगले वर्ष इस सेवा कार्य को और बड़े स्तर पर करने की योजना भी जताई।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा