मंत्री शंकर घोष का सादगी भरा अंदाज, सड़क किनारे दुकान में किया नाश्ता
सिलीगुड़ी, 14 जून (हि. स.)। राजनीति में जहां अक्सर वीआईपी संस्कृति और तामझाम देखने को मिलता है, वहीं पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में रविवार को इसका बिल्कुल अलग दृश्य देखने को मिला। राज्य के पर्यटन और संसदीय कार्य मंत्री शंकर घोष ने सादगी की मिसाल पेश करते हुए सड़क किनारे एक छोटी सी दुकान में बैठकर आम लोगों की तरह नाश्ता किया।
रविवार सुबह शंकर घोष का ‘जनता दरबार’ कार्यक्रम निर्धारित था, जहां उन्होंने सिलीगुड़ी समेत उत्तर बंगाल के विभिन्न इलाकों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद जब वह दूसरे कार्यक्रम में जा रहे थे, तभी रास्ते में उन्हें भूख लगने पर उन्होंने किसी बड़े रेस्टोरेंट के बजाय सड़क किनारे एक अस्थायी दुकान पर रुकने का फैसला किया।
यहां उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के लकड़ी की बेंच पर बैठकर मुड़ी-घुगनी और उबला हुआ अंडा खाया।
मुस्कुराते हुए उन्होंने कहा कि बहुत भूख लगी थी, इसलिए यहीं रुक गया।
मंत्री को इस तरह आम लोगों के बीच बैठकर नाश्ता करते देख राहगीर हैरान रह गए। कई लोग रुककर उन्हें देखने लगे, तो कई ने आगे बढ़कर उनसे बातचीत भी की।
शंकर घोष ने भी सभी से सहजता के साथ मुलाकात की और हालचाल जाना।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, शंकर घोष हमेशा से जमीनी स्तर की राजनीति से जुड़े रहे हैं। मंत्री बनने के बाद भी उनका आम जनता से जुड़ाव और सादगी भरा व्यवहार लोगों के बीच एक सकारात्मक संदेश देता है।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

