डानकुनी टोल प्लाजा से कुख्यात अपराधी 'मिनी फिरोज' और उसका सहयोगी गिरफ्तार
कोलकाता, 05 जुलाई (हि. स.)। कोलकाता के आनंदपुर थाना क्षेत्र स्थित गुलशन कॉलोनी के कुख्यात अपराधी मोहम्मद फिरोज खान उर्फ 'मिनी फिरोज' को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस बार उसके करीबी सहयोगी मोहम्मद साजिद को भी गिरफ्तार किया गया है। कोलकाता पुलिस की एंटी-राउडी स्क्वाड (गुंडा दमन शाखा) ने शनिवार को डानकुनी टोल प्लाजा पर दोनों को उस समय धर दबोचा, जब वे कार से राज्य छोड़कर भागने की कोशिश कर रहे थे। रविवार को पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मिनी फिरोज के खिलाफ शस्त्र अधिनियम समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में पहले से ही 37 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आनंदपुर के गुलशन कॉलोनी इलाके में अपराध जगत पर वर्चस्व को लेकर 108 नंबर वार्ड के पूर्व तृणमूल कांग्रेस पार्षद सुशांत घोष और मिनी फिरोज के बीच लंबे समय से वर्चस्व की लड़ाई चल रही थी। कुछ समय पहले सुशांत घोष के घर के सामने हुई फायरिंग और हत्या के प्रयास के मामले में भी मिनी फिरोज का नाम मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल था।
जानकारी के अनुसार, 23 जून को तपसिया थाना में फिरोज और साजिद के खिलाफ एक नई लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसी शिकायत के आधार पर नया मामला दर्ज कर लालबाजार के जासूसों ने जांच शुरू की। जांच के दौरान गुप्त सूचना मिली कि दोनों कार से राज्य छोड़ने की तैयारी में हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने डानकुनी टोल प्लाजा पर जाल बिछाया और टोल पार करते ही चारों ओर से घेरकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
मिनी फिरोज का आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है। पिछले वर्ष 11 सितंबर की शाम आनंदपुर के गुलशन कॉलोनी में हथियारबंद बदमाशों द्वारा मचाए गए उत्पात के पीछे भी उसे मुख्य आरोपी माना गया था। उस घटना के बाद उसके कई साथी गिरफ्तार हो गए थे, लेकिन फिरोज पुलिस को चकमा देकर राज्य से फरार हो गया था। इस दौरान भी वह सोशल मीडिया पर सक्रिय रहा और लगातार अपने वीडियो पोस्ट करता रहा। तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि उसने दिल्ली में ठिकाना बना लिया है। इसके बाद कोलकाता पुलिस की एक विशेष टीम ने दिल्ली में छापेमारी कर पहली बार फिरोज और साजिद को गिरफ्तार किया था।
दिल्ली से लाए जाने के बाद दोनों कुछ समय तक न्यायिक हिरासत में रहे और बाद में अदालत से जमानत पर रिहा हो गए। हालांकि, पुलिस का आरोप है कि जेल से बाहर आते ही दोनों फिर से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय हो गए, जिसके बाद उनके खिलाफ नया मामला दर्ज किया गया और अब उन्हें दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि गुलशन कॉलोनी लंबे समय से कोलकाता पुलिस के लिए अपराध की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र रही है। घनी आबादी वाले इस इलाके को अपराधियों ने सुरक्षित ठिकाने के रूप में इस्तेमाल किया है। यहां कई बार दिनदहाड़े हत्या, बमबाजी, गोलीबारी और गैंगवार जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पुलिस अब दोनों आरोपितों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क और हालिया आपराधिक गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

