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प्रवासी मजदूर की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत, शरीर पर चोट के निशान से हत्या की आशंका

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प्रवासी मजदूर की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत, शरीर पर चोट के निशान से हत्या की आशंका


पुरुलिया, 07 मार्च (हि.स.)।

काम की तलाश में इलाके के एक निवासी के साथ बेंगलुरु गए एक प्रवासी मजदूर को शुक्रवार दोपहर एम्बुलेंस में अचेत अवस्था में घर लाया गया। स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृत प्रवासी मजदूर का नाम शंकर नायक (39) है। वह झालदा थाना क्षेत्र के गोकुलनगर गांव का निवासी था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिस व्यक्ति के साथ शंकर बेंगलुरु गया था, वही उसे एम्बुलेंस में गांव वापस लेकर आया। उस व्यक्ति ने ग्रामीणों को बताया कि वे पिछले सोमवार को बेंगलुरु पहुंचे थे। लेकिन अगले दिन यानी मंगलवार तड़के शंकर वहां से गायब हो गया था।

बाद में उसे सड़क किनारे पाया गया। उसके शरीर पर चोट के निशान थे। इसलिए उसे एम्बुलेंस से वापस लाया जा रहा था। रास्ते में ही शंकर अचेत हो गया। हालांकि परिजनों का कहना है कि अगर वह घायल थे, तो उन्हें बेंगलुरु के स्थानीय अस्पताल में भर्ती क्यों नहीं कराया गया? उन्हें सीधे एम्बुलेंस से पश्चिम बंगाल क्यों लाया गया? परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों का आरोप है कि शंकर के शरीर पर नीले पड़े घाव के निशान थे और उसकी हत्या की गई है। इस बात को लेकर ग्रामीणों का उस व्यक्ति के साथ विवाद भी शुरू हो गया।

इसी दौरान गांव के पास से इलाके के निवासी और पूर्व विधायक और जिला कांग्रेस अध्यक्ष नेपाल महतो गुजर रहे थे। उन्होंने पूरी घटना सुनकर तुरंत शंकर को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र भेजने की व्यवस्था की। बाद में उन्होंने कहा, “मौत कैसे हुई, यह सामने आना चाहिए। पुलिस को इसकी जांच करनी चाहिए।”

शनिवार सुबह पुलिस ने बताया कि जिस व्यक्ति ने एम्बुलेंस में शंकर को गांव लाया था, उससे पूछताछ की जा रही है।

दूसरी ओर, गुरुवार देर रात बेंगलुरु से कोटशिला थाना क्षेत्र के खैरी गांव निवासी प्रवासी मजदूर अनादी महतो का शव भी गांव पहुंचा। शुक्रवार को गांव में ही उसका अंतिम संस्कार किया गया। उसकी अंतिम यात्रा में आदिवासी कुड़मी समाज के नेता अजीत महतो भी मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता