बेंगलुरु में पुरुलिया के प्रवासी मजदूर की मौत
पुरुलिया, 05 मार्च (हि.स.)। जिले के कोटशिला थानांतर्गत खैरी गांव के निवासी एवं प्रवासी मजदूर अनादी महतो (35) की बेंगलुरु में मौत हो गई। वह वहां भातुरा थाना इलाके की एक संस्था में रसोइये के रूप में काम करते थे।
सूत्रों के अनुसार, अनादी पिछले छह–सात वर्षों से बेंगलुरु में कार्यरत थे और रोज सुबह करीब चार बजे उठकर काम शुरू करने से पहले अपनी पत्नी प्रीतिलता महतो को फोन किया करते थे।
परिजनों के अनुसार, मंगलवार सुबह निर्धारित समय पर फोन नहीं आने पर प्रीतिलता ने खुद कॉल किया। फोन किसी अन्य व्यक्ति ने उठाया और बताया कि रात में अनादी की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उनकी मौत हो गई।
प्रीतिलता ने बताया कि एक दिन पहले रात करीब 11 बजे तक उनकी अनादी से बात हुई थी और उस समय उन्होंने किसी बीमारी की शिकायत नहीं की थी।
अनादी के साले चित्तरंजन महतो ने बताया कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं है।
मृत्यु की खबर गांव पहुंचते ही बुधवार जिला तृणमूल नेता शांतिराम महतो और श्रमिक नेता उज्ज्वल कुमार परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने बताया कि तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शव को गांव लाने की व्यवस्था पर नजर रखी है। पोस्टमार्टम के बाद अनादी का शव कफिन में रखकर विमान से रांची होते हुए गांव लाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन शुरुआत में केवल कफिन का टिकट कटने की जानकारी मिलने पर परिजनों ने आपत्ति जताई। बाद में जिस संस्था में अनादी काम करते थे, उसने दो लोगों के साथ आने के लिए विमान टिकट की व्यवस्था की।
देरी के कारण बुधवार को शव गांव नहीं पहुंच सका और अब गुरुवार को आने की संभावना है। अनादी के परिवार में पत्नी के अलावा छह वर्ष की बेटी रूबी और तीन वर्ष का बेटा भुवन है। परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य की मौत के बाद पत्नी प्रीतिलता महतो बच्चों के भविष्य को लेकर बेहद चिंतित हैं।
स्थानीय नेताओं ने परिवार को राज्य सरकार की ओर से सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

