नौकरी दिलाने के नाम पर पांच लाख लेने का आरोप, अजीत माइती पर नया मामला
पश्चिम मेदिनीपुर, 30 सितंबर (हि.स.)। पश्चिम मेदिनीपुर जिला परिषद के सह-सभाधिपति तथा पिंगला के पूर्व तृणमूल विधायक अजीत माइती के खिलाफ नौकरी दिलाने के नाम पर पांच लाख रुपये लेने का आरोप लगाते हुए एक और मामला दर्ज हुआ है। आरोप है कि आईसीडीएस में नौकरी दिलाने का वादा कर उन्होंने यह रकम ली थी। इस मामले में पश्चिम मेदिनीपुर जिला अदालत ने अजीत माइती को चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। हालांकि, अजीत माइती ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक प्रतिहिंसा के कारण उनके खिलाफ एक के बाद एक झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
कुछ दिन पहले ही गोविंद दास नामक व्यक्ति की ओर से दर्ज कराए गए मामले में पिंगला के पूर्व विधायक अजीत माइती को गिरफ्तार किया गया था। गोविंद दास का आरोप है कि 2016 में तृणमूल कांग्रेस के जमना अंचल अध्यक्ष रहने के दौरान उन्हें पिंगला ब्लॉक अध्यक्ष बनाने का वादा कर अजीत माइती ने उनसे 15 लाख रुपये लिए थे। आरोप है कि रुपये लेने के बावजूद उन्हें ब्लॉक अध्यक्ष नहीं बनाया गया और रकम भी वापस नहीं की गई।
इस मामले में गिरफ्तारी के कुछ ही दिनों बाद अजीत माइती के खिलाफ एक और मामला सामने आया है। खड़गपुर क्षेत्र के निवासी बरुण दे की पत्नी को आईसीडीएस में नौकरी दिलाने का वादा कर पांच लाख रुपये लेने का आरोप लगाया गया है। बरुण दे का आरोप है कि पिछले वर्ष 20 दिसंबर को अजीत माइती ने अपने बेटे के हाथों यह रकम ली थी।
आरोप है कि पत्नी को नौकरी नहीं मिलने के बाद बरुण दे ने जब रुपये वापस मांगे तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। इस संबंध में उन्होंने गत 26 सितंबर को खड़गपुर लोकल थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
देर शाम सरकारी वकील पौलमी कला बेरा ने बताया कि मंगलवार को इस मामले में मेदिनीपुर अदालत ने अजीत माइती को चार दिनों की पुलिस हिरासत में रखने का निर्देश दिया है।
वहीं, अजीत माइती ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को अस्वीकार किया है। उनका कहना है कि राजनीतिक प्रतिहिंसा के कारण उनके खिलाफ लगातार झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

