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मेसी कार्यक्रम मामले में हाई कोर्ट के निर्देश के बाद आखिरकार थाने में हाजिर हुए अरूप विश्वास

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मेसी कार्यक्रम मामले में हाई कोर्ट के निर्देश के बाद आखिरकार थाने में हाजिर हुए अरूप विश्वास


कोलकाता, 18 जून (हि.स.)। बहुचर्चित मेसी कार्यक्रम मामले में तीन बार पुलिस की नोटिसों की अनदेखी करने के बाद आखिरकार पूर्व खेल मंत्री अरूप विश्वास गुरुवार को बिधाननगर दक्षिण थाने में पूछताछ के लिए उपस्थित हुए। वह सुबह लगभग 9:55 बजे थाने पहुंचे।

इस मामले में पुलिस द्वारा लगातार नोटिस भेजे जाने के बावजूद अरूप विश्वास पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हो रहे थे। इसे लेकर मामला कलकत्ता उच्च न्यायालय तक पहुंचा था। न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि उन्हें पुलिस जांच में सहयोग करना होगा और निर्धारित तिथि पर उपस्थित होना अनिवार्य है।

गौरतलब है कि 13 दिसंबर 2025 को कोलकाता के युवा भारती क्रीड़ांगन में आयोजित लियोनेल मेसी के कार्यक्रम के दौरान हुई अव्यवस्था के बाद कार्यक्रम के प्रमुख आयोजकों में शामिल शतद्रु दत्त को गिरफ्तार किया गया था। उस समय तत्कालीन खेल मंत्री अरूप विश्वास की भूमिका को लेकर भी कई सवाल उठे थे, लेकिन उस दिशा में कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई थी।

पश्चिम बंगाल में चार मई को राजनीतिक परिवर्तन के बाद इस मामले ने नया मोड़ लिया। मेसी कार्यक्रम प्रकरण में 38 दिन जेल में रहने वाले शतद्रु दत्त ने बिधाननगर दक्षिण थाने में अरूप विश्वास के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन पर करोड़ों रुपये के वित्तीय अनियमितताओं तथा पद के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए।

शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने अरूप विश्वास को पूछताछ के लिए कई बार नोटिस भेजी, लेकिन वह विभिन्न कारणों का हवाला देकर उपस्थित होने से बचते रहे। इसके बाद मामला कलकत्ता उच्च न्यायालय में पहुंचा।

10 जून को न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की अदालत में मामले की सुनवाई हुई थी। अदालत ने शतद्रु दत्त की प्राथमिकी के आधार पर अरूप विश्वास को 17 अगस्त तक सशर्त अंतरिम संरक्षण प्रदान किया, लेकिन साथ ही स्पष्ट कर दिया कि पुलिस जांच पर कोई रोक नहीं होगी। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि पुलिस के बुलाने पर अरूप विश्वास को निर्धारित तिथि पर उपस्थित होकर जांच में पूरा सहयोग करना होगा।

उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद गुरुवार को उनकी थाने में उपस्थिति को मामले की जांच में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर