राजमहल से पांडवेश्वर तक ईसीएल मशीनों की मरम्मत के कार्य तेज
पश्चिम बर्दवान, 09 सितंबर (हि.स.)।
ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड यानी ईसीएल में उत्पादन बढ़ाने और खदानों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में मरम्मत एवं रखरखाव के कार्य तेज किए जा रहे हैं। नौ सितंबर को कंपनी की ओर से कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए टेंडर जारी किए गए। इनमें भारी खनन मशीनों की मरम्मत, खदान सुरक्षा, पुनर्वास क्षेत्रों में पेयजल और बिजली की व्यवस्था तथा नालों की सफाई जैसे कार्य शामिल हैं।
राजमहल क्षेत्र में उत्पादन कार्य में इस्तेमाल होने वाली कई बड़ी मशीनों की मरम्मत पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके तहत कोमात्सु लोडर के बकेट असेंबली की मरम्मत, छह बीडी355 डोजर के क्षतिग्रस्त केबिन दरवाजों की मरम्मत, राजमहल ओपन कास्ट परियोजना में 750 किलोवाट के 6.6 केवी इंडक्शन मोटर की मरम्मत तथा कोल हैंडलिंग प्लांट में कन्वेयर बेल्ट, हॉपर और क्रशर की मरम्मत के लिए टेंडर जारी किए गए हैं।
पांडवेश्वर क्षेत्र में भी मशीनों की मरम्मत के साथ खदान सुरक्षा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। इसमें डोजर के स्ट्रेट फ्रेम और ब्लेड असेंबली की मरम्मत तथा ईक्यूसी-5ए शॉवेल के स्विंग रिड्यूसर और बकेट की मरम्मत शामिल है। इसके अलावा पांडवेश्वर कोलियरी में खदान सुरक्षा के लिए आरसीसी प्रोटेक्टिव रूफिंग, रूफ बोल्ट सपोर्ट और सेक्शनलाइजेशन स्टॉपिंग्स से संबंधित कार्य प्रस्तावित हैं।
ईसीएल ने पुनर्वास क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी कई कदम उठाए हैं। लालमटिया कॉलोनी और डुमरिया पुनर्वास स्थल में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पानी के टैंकर की व्यवस्था की जाएगी।
वहीं ऊर्जा नगर कॉलोनी में नया विद्युत कनेक्शन देने और पुराने एवं जर्जर एलटी पोल को मजबूत करने का काम किया जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों में नालों की सफाई और मरम्मत के लिए भी कार्य प्रस्तावित किए गए हैं।
इसी बीच ईसीएल के बिक्री एवं विपणन विभाग की ओर से कोयले की बिक्री के लिए ई-नीलामी की प्रक्रिया भी जारी है। दस सितंबर को सीएमपीडीआईएल के माध्यम से ई-नीलामी निर्धारित है, जबकि चौदह सितंबर को एमएसटीसी के माध्यम से ई-नीलामी आयोजित की जाएगी।
ईसीएल की मौजूदा गतिविधियों से स्पष्ट है कि कंपनी की प्राथमिकता एक ओर जहां खराब पड़ी भारी मशीनों को जल्द से जल्द दुरुस्त कर उत्पादन क्षमता बढ़ाना है, वहीं दूसरी ओर खदानों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा पुनर्वास क्षेत्रों में पेयजल, बिजली और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करना भी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

