टीएमसी-भाजपा विवाद के बाद किले में तब्दील हुआ मतगणना केंद्र
मेदिनीपुर, 27 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम मेदिनीपुर के मेदिनीपुर शहर में स्ट्रॉन्गरूम के बाहर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दो दिन पहले रात में हुए तनाव के बाद रविवार सुबह से ही मेदिनीपुर कॉलेज और कॉलेजिएट स्कूल परिसर को कड़ी सुरक्षा में घेर लिया गया है।
स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा के लिए स्थानीय पुलिस की जगह सशस्त्र केंद्रीय बलों को तैनात किया गया है। साथ ही मतगणना केंद्र के सभी प्रवेश मार्गों को टिने की बैरिकेडिंग कर स्थायी रूप से घेर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले रात में मेदिनीपुर कॉलेज स्थित मतगणना केंद्र के बाहर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की स्थिति बन गई थी। भाजपा नेताओं ने ईवीएम में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए आरोप लगाया था कि स्ट्रॉन्गरूम के सामने पर्याप्त सुरक्षा नहीं है और तृणमूल कार्यकर्ता अवैध रूप से अंदर जाने की कोशिश कर रहे हैं।
इन आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए इलाके में कड़ी निगरानी के निर्देश दिए और सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया।
रविवार शाम भाजपा उम्मीदवार शंकर गुच्छैत अपने सुरक्षा कर्मियों के साथ स्ट्रॉन्गरूम इलाके का दौरा करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही उन्होंने स्ट्रॉन्गरूम की सुरक्षा को लेकर आयोग को सतर्क किया था। उनका दावा है कि तृणमूल कार्यकर्ताओं की अवैध घुसने की कोशिश को भाजपा कार्यकर्ताओं ने रोका। उन्होंने आयोग के मौजूदा कदमों पर संतोष जताते हुए जीत को लेकर भी भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि चार तारीख को राज्य में भाजपा की बढ़त दिखाई देगी।
वहीं रविवार रात तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार सुजय हाजरा ने भाजपा के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि मेदिनीपुर शहर और जिले में सुनियोजित तरीके से सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश की गई थी, जिसे उनकी पार्टी ने विफल कर दिया। उन्होंने दावा किया कि चार तारीख को जीत के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले के सबूत सामने रखे जाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य की सत्ता ममता बनर्जी के नेतृत्व में ही बनी रहेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

