रक्तदान शिविर में चिकित्सकीय अधिकारी बनने पर राष्ट्रीय मेडिकल कॉलेज के छात्रों को चेतावनी
कोलकाता, 27 अगस्त (हि. स.)। रक्तदान शिविर में शामिल होने को लेकर राष्ट्रीय मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने चिकित्साशास्त्र के विद्यार्थियों को चेतावनी दी है।
आरोप है कि हाल में कई विद्यार्थी एक रक्तदान शिविर में ‘चिकित्सकीय अधिकारी’ के रूप में शामिल हुए थे। भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं हो, इसके लिए विद्यार्थियों को स्पष्ट रूप से चेताया गया है। कॉलेज प्रबंधन ने कहा है कि आगे इस तरह की शिकायत मिलने पर विद्यार्थियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय मेडिकल कॉलेज के कुछ विद्यार्थियों ने हाल ही में एक निजी रक्त बैंक के प्रस्ताव पर रक्तदान शिविर में भाग लिया था। रक्तदान शिविर में ‘चिकित्सकीय अधिकारी’ की आवश्यकता होती है।
आरोप है कि चिकित्साशास्त्र के विद्यार्थियों ने ही यह भूमिका निभाई थी। बुधवार को कॉलेज की प्राचार्य सुष्मिता भट्टाचार्य ने एक सूचना जारी कर विद्यार्थियों को चेतावनी दी। राष्ट्रीय मेडिकल कॉलेज के सभी छात्र-छात्राओं के नाम जारी सूचना में कहा गया है कि भविष्य में यदि कोई विद्यार्थी ऐसा कार्य करता है, अर्थात विद्यार्थी रहते हुए किसी रक्तदान शिविर में चिकित्सकीय अधिकारी की भूमिका निभाता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनहीनता के आरोप में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
चिकित्सकीय अधिकारी बनने के लिए चिकित्साशास्त्र की पढ़ाई पूरी करना और आवश्यक उपाधि प्राप्त करना जरूरी है। केवल चिकित्सक ही रक्तदान शिविर में चिकित्सकीय अधिकारी की भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे में चिकित्साशास्त्र के विद्यार्थियों ने यह भूमिका कैसे निभाई, इसे लेकर सवाल उठे थे। गत मंगलवार को सियालदह रोड स्थित एक रक्त बैंक के बुलावे पर राष्ट्रीय मेडिकल कॉलेज के कुछ विद्यार्थियों ने इस भूमिका में रक्तदान शिविर में भाग लिया था। कॉलेज प्रबंधन ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू की। रक्तदान शिविर में गए विद्यार्थियों की पहचान की गई। इसके बाद स्वास्थ्य भवन ने उन्हें तलब किया था। वहां चर्चा के बाद ही राष्ट्रीय मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य ने सभी विद्यार्थियों के लिए यह सूचना जारी की।
हाल के दिनों में रक्त से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण राज्य के स्वास्थ्य विभाग और रक्त संचरण परिषद ने कई निजी रक्त बैंकों पर प्रतिबंध लगाया है। इन रक्त बैंकों पर रक्तदान शिविर आयोजित करने और रक्त संग्रह की प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप हैं। इसी बीच राष्ट्रीय मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों के रक्तदान शिविर में शामिल होने से विवाद खड़ा हो गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

