तृणमूल को एक और झटका, पूर्व मंत्री मनीष गुप्ता ने छोड़ी पार्टी
कोलकाता, 16 जुलाई (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में 21 जुलाई के शहीद दिवस से पहले तृणमूल कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लगा है। ममता बनर्जी सरकार में राज्य के मंत्री रह चुके पूर्व नौकरशाह और पूर्व मंत्री मनीष गुप्ता ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब तृणमूल में उनके लिए कुछ भी करने को नहीं बचा है, इसलिए उन्होंने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वह जल्द ही पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को अपना औपचारिक इस्तीफा भेज देंगे।
मनीष गुप्ता ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि इस पार्टी में अब मेरे लिए कुछ भी करने को नहीं है। इसलिए बेवजह समय बर्बाद करने के बजाय मैंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया है। बाद में मैं ममता बनर्जी को अपना इस्तीफा भेज दूंगा।
मनीष गुप्ता का नाम 1993 के 21 जुलाई महाकरण (राइटर्स बिल्डिंग) अभियान के दौरान हुए पुलिस गोलीकांड को लेकर लंबे समय तक विवादों में रहा था। उस समय वह राज्य के गृह सचिव थे और गोलीबारी की कार्रवाई को लेकर उन पर लगातार राजनीतिक आरोप लगते रहे। इसके बावजूद 2011 में सत्ता परिवर्तन के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें राजनीति में लाकर विधायक बनाया और अपनी सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी सौंपी थी।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, 2026 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के बाद पार्टी लगातार आंतरिक संकट का सामना कर रही है। हाल ही में काकली घोष दस्तिदार के नेतृत्व में 20 सांसद तृणमूल छोड़कर एनसीपीआई में शामिल हो गए। इसके बाद काकली घोष दस्तिदार ने यह सवाल भी उठाया था कि 1993 के गोलीकांड से जुड़े विवादों के बावजूद ममता बनर्जी ने मनीष गुप्ता को बिना किसी जांच के पार्टी में क्यों शामिल किया था? उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को पत्र लिखकर मनीष गुप्ता की भूमिका की नए सिरे से जांच कराने की मांग भी की थी।
इसी बीच, 21 जुलाई के शहीद दिवस से ठीक पहले मनीष गुप्ता के पार्टी छोड़ने को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पार्टी छोड़ने की घोषणा के साथ मनीष गुप्ता ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की खुलकर प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा कि वर्तमान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी एक अत्यंत सक्षम प्रशासक हैं। मुझे उम्मीद है कि वह पश्चिम बंगाल को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।
हालांकि, क्या वह अब भारतीय जनता पार्टी में शामिल होंगे, इस सवाल पर मनीष गुप्ता ने कोई टिप्पणी नहीं की। उनके अगले राजनीतिक कदम पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

