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21 जुलाई से पहले ममता का बागियों को चेतावनी, कहा- जाना है तो अभी चले जाएं

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21 जुलाई से पहले ममता का बागियों को चेतावनी, कहा- जाना है तो अभी चले जाएं


कोलकाता, 16 जुलाई (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में जारी राजनीतिक संकट के बीच पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने बागी नेताओं को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जिन्हें पार्टी छोड़नी है, वे 21 जुलाई के शहीद दिवस से पहले ही चले जाएं, लेकिन पार्टी की छवि खराब करने की कोशिश न करें। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी बाधा के बावजूद 21 जुलाई की तृणमूल की शहीद दिवस रैली हर हाल में आयोजित होगी।

गुरुवार को जारी एक वीडियो संदेश में ममता बनर्जी ने कहा कि जो लोग पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे 21 जुलाई से पहले चले जाएं। लेकिन यह मत सोचिए कि पार्टी को बदनाम करके आपकी प्रतिष्ठा बढ़ जाएगी। अपने परिवार को बचाना है तो बचाइए, लेकिन भाजपा के पैकेज के लिए पार्टी को बदनाम मत कीजिए।

हाल के सप्ताहों में तृणमूल कांग्रेस को कई बड़े नेताओं के इस्तीफों का सामना करना पड़ा है। पूर्व मंत्री, विधायक, सांसद और संगठन के कई वरिष्ठ नेता पार्टी छोड़ चुके हैं। गुरुवार को राज्यसभा सांसद कोयल मलिक ने भी अपना इस्तीफा सौंप दिया। वहीं, पूर्व मंत्री मनीष गुप्ता ने भी सार्वजनिक रूप से तृणमूल छोड़ने की घोषणा की है। पार्टी का एक धड़ा पहले ही ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट के साथ जा चुका है, जबकि पूर्व मंत्री मदन मित्रा भी अपना पाला बदल चुके हैं।

ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी राजनीतिक दल का नाम या चुनाव चिह्न बदला जा सकता है, लेकिन उसकी विचारधारा, उद्देश्य और सिद्धांत सत्ता के बल पर समाप्त नहीं किए जा सकते।

उन्होंने कलकत्ता हाई कोर्ट के उस आदेश का स्वागत किया, जिसमें कालीघाट गुट की तृणमूल कांग्रेस को बिरला तारामंडल के सामने 21 जुलाई की रैली आयोजित करने की अनुमति दी गई है। हालांकि उन्होंने आशंका जताई कि प्रशासन अदालत के आदेश को निष्पक्ष तरीके से लागू करेगा या नहीं, इस पर संदेह बना हुआ है।

ममता ने आरोप लगाया कि विभिन्न स्थानों पर लोगों को रैली में शामिल न होने के लिए डराया-धमकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस समर्थकों को रैली में जाने से रोकने की चेतावनी दे रही है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष रहने और किसी एक पक्ष के लिए काम न करने की अपील की।

तृणमूल प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि अदालत से अनुमति मिलने के बावजूद मंच, ध्वनि व्यवस्था और अन्य तैयारियों में बाधा डालने की कोशिश की जा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि मंच नहीं भी बन पाया, तब भी रैली होगी और जरूरत पड़ी तो वह लोगों के बीच खड़े होकर कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगी।

ममता बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से बड़ी संख्या में 21 जुलाई के शहीद दिवस कार्यक्रम में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक चुनौती के बावजूद यह आयोजन अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगा।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर