बंगाल को कब्ज़ा करना आसान नहीं : ममता बनर्जी
पश्चिम मेदिनीपुर, 14 अप्रैल (हि. स.)। जिले के पिंगला में मंगलवार को राज्य की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने चुनावी जनसभा को संबोधित किया। पिंगला के कांचडिहा स्टैक यार्ड मैदान में आयोजित इस जनसभा में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार मानस रंजन भैया और अजीत मायती के समर्थन में लोगों से मतदान की अपील की।
सभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली से मोटा भाई आए हैं, साथ में मीडिया और सीबीआई भी आई है। जितना नाम काटना है काटो और जितना तनाव फैलाओ करना है करो, लेकिन बंगाल को कब्ज़ा करना इतना आसान नहीं है।
उन्होंने कहा कि अविभाजित मेदिनीपुर की धरती ईश्वर चंद्र विद्यासागर, खुदीराम बोस और मातंगिनी हाजरा जैसे महान लोगों की कर्मभूमि रही है, इसलिए यहां गंदी राजनीति और गंदी सोच नहीं चलेगी। ममता बनर्जी ने कहा कि यहां ऐसा खेला होगा कि बंगाल से आपको उखाड़ फेंका जाएगा।
केंद्रीय बलों की तैनाती को लेकर उन्होंने कहा कि केंद्रीय पुलिस शांति बहाल करने के लिए आए, इसमें कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दो लाख नहीं, आप चाहें तो दस लाख केंद्रीय पुलिस भेज दीजिए, हमें कोई आपत्ति नहीं। लेकिन अगर गांव-गांव जाकर मतदाताओं को डराने या वोट देने से रोकने की कोशिश की गई तो लोग चुप नहीं बैठेंगे।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मेदिनीपुर में उन्होंने जगन्नाथ धाम का निर्माण कराया है और रथ यात्रा के समय परंपरा के अनुसार सोने के झाड़ू से सफाई की जाती है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हर घर में झाड़ू होता है, अपने अधिकार और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए उसे संभालकर रखिए। मैं किसी को हिंसा करने के लिए नहीं कह रही हूं, लेकिन अपने सम्मान की रक्षा करना हर व्यक्ति का अधिकार है।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं और सामाजिक परियोजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास की गति बनाए रखने के लिए तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों को विजयी बनाना आवश्यक है। इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों की भी आलोचना की और लोगों से तृणमूल के पक्ष में मतदान करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा जब लोगों को पैसे देकर सभाओं में लाती है, तो यह लोकतांत्रिक राजनीति के चरित्र का हनन करता है। हमलोग जब भी बैठक करते हैं, तो स्थानीय लोगों के साथ करते हैं, लेकिन भाजपा की सभाओं में अधिकतर बाहर से लोगों को लाया जाता है। इसी कारण उनकी सभाएं अक्सर स्टेशन के पास रखी जाती हैं, ताकि लोगों को आने-जाने में सुविधा हो। घाटाल मास्टर प्लान के लिए भी एक पैसा नहीं दिया गया। जब पश्चिम बंगाल में बाहर के डेढ़ करोड़ लोग कार्य करते हैं उनको हम परेशान नहीं करते हैं तो जब बंगाल के लोग रोज़गार के लिए दूसरे राज्यों में जाते हैं, तो उनके साथ प्रताड़ना क्यों की जाती है?
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

