अंबेडकर जयंती पर ममता बनर्जी ने दिया लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संदेश
कोलकाता, 14 अप्रैल (हि.स.)। ममता बनर्जी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर डा. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
अपने पोस्ट में मुख्यमंत्री ने लिखा कि वे भारत के संविधान के जनक डॉ. भीमराव अंबेडकर को उनकी जयंती पर श्रद्धापूर्वक याद करती हैं। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि बाबासाहेब के संविधान सभा में प्रवेश का मार्ग बंगाल विधानमंडल ने प्रशस्त किया था, जहां उनके दूरदर्शी नेतृत्व ने देश के भविष्य को आकार दिया।
ममता बनर्जी ने आगे कहा कि आज जब देश ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां लोकतंत्र के मूल मूल्य—धर्मनिरपेक्षता, संघीय ढांचा और सामाजिक न्याय—को निरंतर सजगता की आवश्यकता है, तब अंबेडकर का जीवन और उनके सिद्धांत हमारे लिए मार्गदर्शक हैं।
उन्होंने अपने संदेश में एक समावेशी समाज के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि हर नागरिक, चाहे उसकी जाति या धर्म कुछ भी हो, सम्मान और आशा के साथ जीवन जी सके—यही उनके विचारों का मूल है।
तृणमूल सुप्रीमो ने यह भी स्पष्ट किया कि वे जनता के अधिकारों को कमजोर नहीं होने देंगी और न ही देश के संघीय ढांचे तथा बहुलतावादी और धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को नुकसान पहुंचने देंगी।
अंत में उन्होंने आह्वान किया कि इस पावन दिन पर सभी को भारत की लोकतांत्रिक आत्मा की रक्षा के लिए स्वयं को पुनः समर्पित करना चाहिए।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

