मतदाता सूची को लेकर ममता बनर्जी का आरोप, भाजपा का पलटवार
कोलकाता, 09 अप्रैल (हि. स.)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 90 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटवाए हैं ताकि आगामी विधानसभा चुनाव को प्रभावित किया जा सके। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस मामले को अदालत में चुनौती देगी और उन्हें दोबारा सत्ता में लौटने का पूरा भरोसा है।
उत्तर 24 परगना जिले के मिनाखां के हाड़ोया सर्कस मैदान में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने दावा किया कि बड़े पैमाने पर नाम हटाकर चुनावी संतुलन बिगाड़ने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि आपने बंगाल में सत्ता हासिल करने के लिए 90 लाख से अधिक लोगों के नाम हटा दिए, लेकिन हम फिर भी जीतेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार कानूनी कदम उठाकर यह सुनिश्चित करेगी कि जिन योग्य मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं उन्हें फिर से सूची में शामिल कराया जाए।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए राज्य सरकार को निर्मम सरकार बताया। एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा के पक्ष में जनसमर्थन बढ़ रहा है जो राजनीतिक बदलाव का संकेत है।
प्रधानमंत्री ने 2021 के विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए विशेष रूप से नंदीग्राम सीट पर शुभेंदु अधिकारी की ममता बनर्जी पर जीत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय जो बदलाव दिखा था अब वह पूरे राज्य में फैलने वाला है। मेदिनीपुर और नंदीग्राम ने जो रास्ता दिखाया था अब पूरा बंगाल उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। जो वहां हुआ वह भवानीपुर और अन्य क्षेत्रों में भी दोहराया जाएगा।
294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए चुनाव 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में होंगे जबकि चार मई को मतगणना की जाएगी।
मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों और भारी जनादेश के दावों के बीच राज्य में चुनावी मुकाबला और तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों ही इस अहम चुनावी मुकाबले के लिए पूरी ताकत लगा रही हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

