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ममता बोलीं- जल्द फिर सरकार बनाएगी तृणमूल, पुलिस कर्मियों को दी चेतावनी

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ममता बोलीं- जल्द फिर सरकार बनाएगी तृणमूल, पुलिस कर्मियों को दी चेतावनी


कोलकाता, 28 अगस्त (हि. स.)। सत्ता से बाहर होने के करीब चार महीने बाद तृणमूल कांग्रेस की संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को पार्टी की सत्ता में वापसी का दावा किया। कैथेड्रल रोड पर तृणमूल छात्र परिषद के स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ममता ने कहा कि कार्यकर्ताओं को चिंता करने की जरूरत नहीं है और तृणमूल कांग्रेस जल्द ही फिर सरकार में लौटेगी।

ममता ने कहा, चिंता मत कीजिए। भाजपा के अन्याय का जवाब भाजपा के लोग ही देंगे। बहुत जल्द तृणमूल कांग्रेस फिर सरकार में लौटेगी।

सभा के दौरान ममता ने पुलिस पर राजनीतिक प्रतिशोध के लिए कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस तृणमूल को सभा और जुलूस की अनुमति नहीं दे रही है। ममता ने चेतावनी देते हुए कहा कि वह जल्द ही जिलों का दौरा करेंगी। अगर पुलिस अनुमति नहीं देगी तो जनता की अनुमति लेकर कार्यक्रम करेंगी और जरूरत पड़ी तो पैदल चलकर भी जाएंगी।

सभा के दौरान यातायात को लेकर भी कुछ देर के लिए स्थिति बिगड़ गई। कैथेड्रल रोड की एक लेन खुली थी, जहां बस और ट्रक के प्रवेश से यातायात बाधित हो गया। एक एंबुलेंस भी जाम में फंस गई। मंच पर पहुंचने के बाद ममता ने आरोप लगाया कि सभा को बाधित करने के लिए पुलिस ने वाहनों को अंदर भेजा है। इसके बाद उन्होंने करीब 25 मिनट तक माइक से यातायात व्यवस्था संभाली। बाद में पुलिस ने तारामंडल के सामने उस लेन में अवरोधक लगा दिए।

इससे पहले अभिषेक बनर्जी ने भी पुलिस और नगर निगम की कार्रवाई पर निशाना साधा। उन्होंने गुरुवार को कैमक स्ट्रीट स्थित अपने कार्यालय से विज्ञापन पट हटाए जाने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि अत्याचार उतना ही करो, जितना सहन कर सको।

कार्यक्रम में तृणमूल के कई नेताओं ने ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट और दिल्ली में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (आई) में शामिल हुए 20 सांसदों पर निशाना साधा। नेताओं ने उन्हें विश्वासघाती बताते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में उन्हें दोबारा पार्टी में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। ममता ने भी कहा कि उनके खिलाफ कानूनी लड़ाई जारी है और जनता के बीच भी उन्हें जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि एक और बदलाव आ रहा है।

उधर, रानी रासमणि रोड पर ऋतब्रत बनर्जी गुट ने अलग कार्यक्रम आयोजित किया। दोनों गुटों के बीच तृणमूल छात्र परिषद के स्थापना दिवस पर शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। ममता के नेतृत्व वाले गुट की सभा में भीड़ अधिक दिखाई दी। हालांकि ऋतब्रत गुट के नेताओं कोहिनूर मजूमदार और सुदीप राहा ने अपने कार्यक्रम को सफल बताया। उनका कहना था कि अदालत ने सभा में लोगों की संख्या को लेकर सीमा तय की थी और उसी के अनुसार कार्यक्रम आयोजित किया गया।

रानी रासमणि रोड की सभा में ममता पर भी तीखा हमला बोला गया। कभी ममता के करीबी रहे फिरहाद हकीम ने आरोप लगाया कि ममता सरकार के दौरान लंबे समय तक छात्र संघ चुनाव नहीं कराए गए। उन्होंने कहा कि उनकी ओर से चुनाव कराने की मांग किए जाने के बावजूद ध्यान नहीं दिया गया और इसके कारण प्रवेश प्रक्रिया में दलाली करने वाले लोग छात्र नेता बन गए।

इस बीच, ममता और अभिषेक ने देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र आंदोलनों का भी उल्लेख किया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घटना को तृणमूल के लिए सकारात्मक संकेत के तौर पर पेश किया।

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चाहूं तो अपनी लाइब्रेरी खोल सकती हूं

ममता बनर्जी पर विधानसभा की लाइब्रेरी से किताबें ले जाकर वापस नहीं लौटाने का आरोप लगा है। इसे लेकर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि मुझे किताबें लेकर नहीं लौटाने वाला बोल रहे हैं लेकिन मैं चाहूं तो अपनी खुद की लाइब्रेरी खोल सकती हूं इतनी किताबें हैं। ममता ने कहा कि उन्हें किसी भी तरह से बदनाम करने की कोशिश हो रही है लेकिन जनता सब का हिसाब करेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर