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डेरेक ओ’ब्रायन ने साझा किया ममता के धरने का वीडियो

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डेरेक ओ’ब्रायन ने साझा किया ममता के धरने का वीडियो


कोलकाता, 07 मार्च (हि.स.)।तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने शनिवार को अपनी वीडियो श्रृंखला मॉर्निंग वॉक के नवीनतम एपिसोड में कोलकाता की सड़कों से एक ग्राउंड रिपोर्ट साझा की, जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के राज्य की मतदाता सूची से कथित बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के खिलाफ चल रहे धरना-प्रदर्शन को उजागर किया गया।

श्रृंखला के एपिसोड पंद्रहवें में ओ’ब्रायन ने कहा कि यह वीडियो उस विरोध स्थल से रिकॉर्ड किया जा रहा है, जहां बनर्जी ने “वास्तविक मतदाताओं के मताधिकार से वंचित किए जाने से बचाने” के लिए धरना शुरू किया है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक, एस्प्लेनेड के मेट्रो चैनल क्षेत्र में यह विरोध शुरू किया और रात भी वहीं बिताई।

वीडियो में ओ’ब्रायन ने कहा, “आज का मॉर्निंग टॉक कुछ अलग तरह का है। ममता बनर्जी यहां धरने के पहले दिन मौजूद हैं और यह असली मतदाताओं के मताधिकार से वंचित किए जाने के खिलाफ लड़ाई है। उन्होंने रात भी यहीं बिताई। आज हम कोलकाता की सड़कों पर धरने के दूसरे दिन मौजूद हैं।”

ओ’ब्रायन का यह वीडियो संदेश सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने और विरोध को लेकर जनध्यान आकर्षित करने के लिए पार्टी के व्यापक राजनीतिक प्रयास का हिस्सा है। जैसे ही बनर्जी का धरना दूसरे दिन में प्रवेश कर गया, तृणमूल नेताओं ने कहा कि यह प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक यह सुनिश्चित नहीं हो जाता कि “कोई भी वास्तविक मतदाता मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।”

उल्लेखनीय है कि बनर्जी का यह विरोध पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच हो रहा है। चुनाव निकाय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष नवंबर में संशोधन प्रक्रिया शुरू होने के बाद से मतदाता सूची से लगभग 63.66 लाख नाम—यानी लगभग 8.3 प्रतिशत मतदाता—हटा दिए गए हैं। इसके परिणामस्वरूप कुल मतदाताओं की संख्या करीब 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ से थोड़ा अधिक रह गई है।

मेट्रो चैनल का यह स्थान बनर्जी के राजनीतिक आंदोलनों के लिए लंबे समय से प्रतीकात्मक महत्व रखता है। तृणमूल कांग्रेस की नेता इससे पहले भी इसी स्थान पर कई प्रदर्शन कर चुकी हैं, जिनमें नंदीग्राम आंदोलन के दौरान हुए विरोध और बाद में केंद्रीय एजेंसियों के साथ राजनीतिक टकराव के समय किए गए प्रदर्शन शामिल हैं।

सत्तारूढ़ अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस ने मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है और आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया के कारण लाखों वैध मतदाता अपने मतदान अधिकार खो सकते हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह कवायद राजनीतिक रूप से प्रेरित है और अप्रैल में होने वाले महत्वपूर्ण राज्य चुनावों के परिणाम को प्रभावित कर सकती है।

हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि संशोधन प्रक्रिया मानक प्रक्रियाओं के तहत ही की जा रही है, जिसका उद्देश्य दोहराव वाले, स्थानांतरित, मृत या अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता