ममता बनर्जी ने कांग्रेस और वाम दलों को दिया साथ आने का न्योता, बोलीं- इंडी गठबंधन के बैनर तले भाजपा के खिलाफ लड़ें
कोलकाता, 21 जुलाई (हि. स.)। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को शहीद दिवस रैली के मंच से कांग्रेस और वाम दलों से मतभेद भुलाकर भाजपा के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में इंडी गठबंधन के बैनर तले सभी विपक्षी दलों को मिलकर भाजपा का मुकाबला करना चाहिए। हालांकि, उन्होंने अपनी पार्टी छोड़ने वाले नेताओं की वापसी की संभावना से साफ इनकार करते हुए कहा कि गद्दारों के लिए तृणमूल में कोई जगह नहीं है।
कोलकाता में आयोजित शहीद दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, मैं चाहती हूं कि बंगाल में भाजपा के खिलाफ लड़ने वाली सभी ताकतें इंडी गठबंधन के तहत एकजुट हों। मेरा कोई अहंकार नहीं है। सभी पार्टी अपने मतभेद भुलाकर साथ आएं और भाजपा के खिलाफ लड़ाई लड़ें।
ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वह सरकारी तंत्र का इस्तेमाल तृणमूल कांग्रेस को कमजोर करने के लिए कर रहे हैं। बिना नाम लिए उन्होंने कहा कि यदि वह मुंह खोलेंगी तो तृणमूल में दस वर्ष तक रहने के दौरान उनके सभी कामों का खुलासा कर देंगी।
उन्होंने कहा कि अगर मैं बोलना शुरू कर दूं तो तृणमूल में आपके दस साल के पूरे कार्यकाल की सच्चाई सामने आ जाएगी। आपका मुखौटा उतर जाएगा। केंद्र में भाजपा की हार के बाद राज्य की सरकार भी टिक नहीं पाएगी।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जांच एजेंसियों और पुलिस का दुरुपयोग कर विपक्ष को निशाना बना रही है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद तृणमूल नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ करीब 14 हजार आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि मैंने ऐसी सीआईडी कभी नहीं देखी। इनके काम को तो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह मिलनी चाहिए।
ममता बनर्जी ने कहा कि हाल ही में बारुईपुर में एक युवती के दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद जब वह पीड़ित परिवार से मिलने जाना चाहती थीं, तब उन्हें प्रभावी रूप से घर में ही नजरबंद कर दिया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियों से फुटपाथ विक्रेता, मध्याह्न भोजन कर्मी और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी प्रभावित हुए हैं। साथ ही राज्य कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने का वादा भी पूरा नहीं किया गया।
तृणमूल प्रमुख ने आरोप लगाया कि सोमवार रात भाजपा कार्यकर्ताओं ने शहीद दिवस कार्यक्रम को बाधित करने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि मंच पर तोड़फोड़ की गई और बिजली आपूर्ति काट दी गई ताकि कार्यक्रम आयोजित न हो सके।
उन्होंने कलकत्ता उच्च न्यायालय का आभार जताया, जिसने रैली की अनुमति दी। साथ ही 1993 के पुलिस गोलीकांड में मारे गए लोगों के परिजनों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद कार्यक्रम में भाग लिया।
ममता बनर्जी ने भाजपा पर धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केवल राम मंदिर ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल के विभिन्न मंदिरों के दानपात्रों तक को लूटने का काम भाजपा कर रही है। उन्होंने परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाते हुए सवाल किया कि क्या भाजपा उन छात्रों को वापस ला सकती है, जिनकी कथित तौर पर इन अनियमितताओं के कारण जान चली गई।
उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वह कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में भी शामिल होंगी। साथ ही उन्होंने जल्द ही पूरे पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों का दौरा शुरू करने की घोषणा की।
उल्लेखनीय है कि 21 जुलाई 1993 को तत्कालीन वाम मोर्चा सरकार के दौरान कोलकाता के एस्प्लेनेड में आयोजित युवा कांग्रेस के प्रदर्शन पर पुलिस फायरिंग में 13 कार्यकर्ताओं की मौत हुई थी। उस समय ममता बनर्जी कांग्रेस में थीं और उसी घटना की स्मृति में शहीद दिवस मनाया जाता है। बाद में तृणमूल कांग्रेस के गठन के बाद यह आयोजन पार्टी का वार्षिक राजनीतिक कार्यक्रम बन गया।
इस वर्ष विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस में विभाजन के बाद पहली बार ममता बनर्जी गुट और बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी गुट ने अलग-अलग शहीद दिवस कार्यक्रम आयोजित किए।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

