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ममता बनर्जी का भाजपा पर चुनावी धांधली का आरोप, भाजपा के खिलाफ देशव्यापी अभियान की घोषणा

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कोलकाता, 02 जून (हि.स.)। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को भाजपा पर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मतगणना के दौरान धांधली का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि राज्य की 294 विधानसभा सीटों में से 177 सीटों पर मतगणना प्रक्रिया में गड़बड़ी की गई, जिसके कारण भाजपा को जीत मिली।

धर्मतला स्थित वाई चैनल पर आयोजित तृणमूल कांग्रेस के धरना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी कठिन समय से गुजर रही है लेकिन वह अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं का साथ नहीं छोड़ेंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव परिणामों के बाद तृणमूल नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार, डराने-धमकाने और वसूली जैसे मामलों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जा रही है तथा पार्टी कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया जा रहा है।

ममता ने कहा कि भाजपा के खिलाफ देशभर की विपक्षी पार्टियां जल्द ही एक साझा रणनीति तैयार करेंगी। उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह होने वाली इंडिया गठबंधन की बैठक में इस विषय पर चर्चा होगी और शीघ्र ही देशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा घोषित की जाएगी।

कोलकाता पुलिस द्वारा रानी रासमणि रोड पर धरना की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद तृणमूल कांग्रेस ने वाई चैनल पर विरोध कार्यक्रम आयोजित किया। ममता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मंच लगाने और माइक के उपयोग की भी अनुमति नहीं दी, जिसके कारण उन्हें हाथ में मेगाफोन लेकर सभा को संबोधित करना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि अन्य राजनीतिक दलों को उसी स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने या माइक के उपयोग की अनुमति दी जाती है तो उनकी पार्टी अदालत का दरवाजा खटखटाएगी। उन्होंने कहा कि कानून का प्रयोग भेदभावपूर्ण तरीके से नहीं किया जा सकता।

ममता बनर्जी ने भाजपा सरकार पर चुनाव बाद हिंसा, फुटपाथ दुकानदारों को पुनर्वास के बिना हटाने, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितताओं और राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों का उपयोग तृणमूल कार्यकर्ताओं को डराने के लिए किया जा रहा है।

तृणमूल प्रमुख ने अपने भतीजे और पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हाल में हुए हमले को पूर्व नियोजित बताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा समर्थकों को पहले से तैयार कर घटना को अंजाम दिया गया। उन्होंने दावा किया कि अभिषेक बनर्जी को सिर पर चोट लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराने में भी दबाव बनाया गया। ममता ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य को असामाजिक तत्वों और दमनकारी राजनीति के हवाले कर दिया गया है।

विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में शोभनदेव चट्टोपाध्याय के समर्थन में तृणमूल विधायकों के हस्ताक्षरों को लेकर उठे विवाद पर भी ममता ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विधायकों ने पार्टी बैठक की उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर किए थे और यदि विधानसभा अध्यक्ष को हस्ताक्षरों की प्रामाणिकता पर संदेह था तो फोरेंसिक जांच करानी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस मुद्दे पर गंदी राजनीति कर रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर