पार्टी बदलने वाले नेताओं पर ममता का तीखा हमला, बोलीं— लड़ाई जारी रहेगी, मैं पीछे नहीं हटूंगी
कोलकाता, 15 जुलाई (हि. स.)। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं और अभिषेक बनर्जी पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर कड़ा जवाब दिया है। बुधवार को सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि वर्ष 2004 में वह पूरी तरह अकेली पड़ गई थीं और 2006 में उनकी पार्टी के केवल 30 विधायक थे, लेकिन संघर्ष के दम पर तृणमूल कांग्रेस आज इस मुकाम पर पहुंची है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि हमारे लाखों समर्पित कार्यकर्ता हैं। मैं सभी के ऊपर छतरी की तरह खड़ी रहूंगी। हमारी लड़ाई जारी रहेगी और मैं कभी संघर्ष छोड़कर नहीं जाऊंगी।
21 जुलाई को होने वाली तृणमूल कांग्रेस की शहीद दिवस रैली में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील करते हुए ममता ने कहा कि अदालत से रैली की अनुमति मिल चुकी है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से सुबह 11 बजे पार्टी का झंडा और चुनाव चिन्ह लेकर बिरला तारामंडल मोड़ पहुंचने का आह्वान किया।
उन्होंने अभिषेक बनर्जी का बचाव करते हुए कहा कि यदि उन्होंने कोई गलती भी की होती, तो भी उनके खिलाफ 25-30 मामले दर्ज किए जा चुके हैं और केंद्रीय एजेंसियों ने उनके परिवार तक को परेशान किया है। ममता बनर्जी ने कहा कि अभिषेक बनर्जी की पत्नी को गोद में छोटे बच्चे के साथ जांच एजेंसियों के सामने जाना पड़ा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि कोई समझौता करना चाहता, तो पहले ही कर सकता था।
भाजपा पर निशाना साधते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव के दौरान सभी नेता कई तरह की बातें कहते हैं। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

