मालदा हिंसा मामला : एनआईए ने तीन को किया गिरफ्तार, शुरुआती जांच में बहुस्तरीय साजिश के संकेत
कोलकाता, 13 अप्रैल (हि. स.)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पश्चिम बंगाल के मालदा में हुए हिंसा और और न्यायाधीशों को बंधक बनाए जाने के प्रकरण में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में यह संकेत मिला है कि घटना अचानक नहीं बल्कि एक सोची-समझी और बहुस्तरीय साजिश का हिस्सा थी।
गिरफ्तार आरोपितों में इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के नेता गुलाम रब्बानी शामिल हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि रब्बानी घटना से एक दिन पहले आयोजित एक बैठक में मौजूद थे। इसके अलावा कांग्रेस से जुड़े दो कार्यकर्ताओं, शाहादत हुसैन और आसिफ शेख को भी गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि इन दोनों ने हमले से पहले बड़ी संख्या में लोगों को जुटाने के उद्देश्य से अलग बैठक आयोजित की थी।
एनआईए की प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह घटना स्वतःस्फूर्त विरोध नहीं थी, बल्कि क्षेत्र को अस्थिर करने के उद्देश्य से पूर्व नियोजित तरीके से अंजाम दी गई कार्रवाई थी।
गौरतलब है कि एक अप्रैल को मालदा के कालियाचक-द्वितीय प्रखंड विकास कार्यालय में हजारों लोगों ने दोनों मुख्य द्वारों को घेर लिया था और वहां मौजूद कर्मचारियों के साथ सात न्यायिक अधिकारियों को करीब आठ घंटे तक बंधक बनाकर रखा था। आधी रात के बाद सभी को सुरक्षित निकाला गया।
यह गतिरोध मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के विरोध में शुरू हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय निर्वाचन आयोग ने दो अप्रैल को एनआईए को जांच सौंपने की सिफारिश की थी।
इससे पहले भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने भी घटना को “जानबूझकर और सुनियोजित” बताते हुए किसी केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने का निर्देश दिया था। न्यायालय ने यह भी कहा था कि न्यायिक अधिकारियों का मनोबल गिराने और उनके कार्य में बाधा डालने की ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं। साथ ही, अधिकारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया था।
एनआईए ने आरोपितों पर हिंसा, आगजनी और न्यायिक अधिकारियों को घेरकर बंधक बनाने सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसी इस पूरे प्रकरण को व्यापक साजिश के रूप में देख रही है और आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

