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नागरिकता दो, नहीं तो जिंदा दफना दो नारे के साथ कब्रिस्तान में अनोखा प्रदर्शन

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नागरिकता दो, नहीं तो जिंदा दफना दो नारे के साथ कब्रिस्तान में अनोखा प्रदर्शन


मालदा, 05 मार्च (हि. स.)। जिले के चांचल में गुरुवार को चुनाव आयोग के खिलाफ एक अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। चुनाव आयोग के खिलाफ नाराज ग्रामीणों ने “नागरिकता दो, नहीं तो जिंदा दफना दो” के नारे के साथ कब्रिस्तान में प्रदर्शन किया।

चांचल-1 ब्लॉक के कलीग्राम कब्रिस्तान में करीब सौ से ज्यादा ग्रामीण एकत्रित होकर लगभग एक घंटे तक विरोध प्रदर्शन करते रहे। कलीग्राम, खानमोड़, शहरबाग और नूरगंज इलाके के लोग हाथों में प्लेकार्ड लेकर कब्रिस्तान पहुंचे।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनके पूर्वज इसी मिट्टी में दफन है, फिर भी दस्तावेज जमा करने के बाद भी कई वोटरों के नाम “विचाराधीन” सूची में रखे गए है। उनका कहना है कि अगर नागरिकता ही सुनिश्चित नहीं होगी तो जीने का कोई मतलब नहीं, इसलिए विरोध के लिए कब्रिस्तान को चुना गया है।

स्थानीय निवासी नूर आलम ने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में हर बूथ पर औसतन 500 से ज्यादा नाम “विचाराधीन” रखे गए है, जो चुनाव आयोग की बड़ी लापरवाही है। इसके पीछे गहरी राजनीतिक साजिश है। इस घटना के बाद इलाके में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है।

तृणमूल नेता एटीएम रफीकुल हुसैन ने आरोप लगाया कि भाजपा को खुश करने के लिए ऐसा किया जा रहा है। वहीं भाजपा के उत्तर मालदा संगठनात्मक जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंघानिया ने कहा कि किसी भी वैध मतदाता का नाम नहीं हटाया जाएगा। राज्य सरकार लोगों को गुमराह कर राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है।

हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार