मकरामपुर में पेड़ कटाई में अनियमितता, पंचायत प्रधान को कारण बताओ नोटिस
मेदिनीपुर, 05 फ़रवरी (हि. स.)। नारायणगढ़ ब्लॉक अंतर्गत मकरामपुर ग्राम पंचायत के धानघोरी इलाके में अनुमति से अधिक पेड़ काटे जाने के आरोप को लेकर इलाके में विवाद बढ़ गया है। वन विभाग की ओर से जहां 500 पेड़ काटने की अनुमति दी गई थी, वहीं जांच में इससे कहीं अधिक पेड़ काटे जाने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर वन विभाग ने मकरामपुर ग्राम पंचायत के प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, धानघोरी इलाके में पेड़ कटाई का काम शुरू होने के बाद से ही ग्रामीणों ने अनियमितता के आरोप लगाने शुरू कर दिए थे। ग्रामीणों ने इस संबंध में खड़गपुर के डीएफओ से शिकायत की। डीएफओ के निर्देश पर बेलदा वन विभाग के रेंजर तौहिद अंसारी ने क्षेत्र का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि अनुमति से अतिरिक्त 176 पेड़ काटे गए हैं। इसके बाद वन विभाग ने पूरी रिपोर्ट तैयार कर ग्राम पंचायत प्रधान को शोकॉज नोटिस भेजा।
इस संबंध में गुरुवार को रेंजर तौहिद अंसारी ने बताया कि एक शिकायत के आधार पर जांच की गई थी, जिसमें अनुमति से अधिक पेड़ कटाई के पुख्ता सबूत मिले हैं। इसी कारण ग्राम पंचायत प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
उधर, मकरामपुर ग्राम पंचायत के प्रधान प्रणब बिजली ने नोटिस मिलने की पुष्टि करते हुए इस पूरे मामले के लिए मुख्य रूप से ठेकेदार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि धानघोरी इलाके में 500 पेड़ काटने के लिए नियमों के अनुसार टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई थी। ठेकेदार द्वारा अतिरिक्त पेड़ क्यों काटे गए, इसकी जानकारी उन्हें नहीं थी।
प्रधान ने बताया कि ठेकेदार को भी शोकॉज किया गया है और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

