उत्तर बंगाल के इको सेंसिटिव ज़ोन पर बड़ा फैसला, राज्य सरकार ने घटाई सीमा
सिलीगुड़ी,15 जुलाई (हि.स.)। लंबे समय से चले आ रहे विवाद और कानूनी जटिलताओं के बीच राज्य सरकार ने उत्तर बंगाल के इको-सेंसिटिव ज़ोन को लेकर बड़ा और राहतभरा निर्णय लिया है। अब इको सेंसिटिव ज़ोन की सीमा पांच किलोमीटर से घटाकर एक किलोमीटर कर दी गई है। यह अहम घोषणा राज्य के वन मंत्री मनोज उरांव ने बुधवार को सिलीगुड़ी स्टेट गेस्ट हाउस में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद की।
इस फैसले से वन क्षेत्र से सटे इलाकों में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है। बैठक में दार्जिलिंग सांसद राजू बिष्ट, पर्यटन मंत्री शंकर घोष, राज्य मंत्री आनंदमय बर्मन और विधायक सूखा चटर्जी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
पहले राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देशों के अनुसार, वन क्षेत्रों के चारों ओर पांच किलोमीटर तक इको सेंसिटिव ज़ोन निर्धारित किया गया था। इससे निर्माण कार्य, सड़क निर्माण और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में भारी बाधाएं आ रही थी और लोगों को कई कानूनी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। नई व्यवस्था के तहत अब यह दायरा घटाकर एक किलोमीटर कर दिया गया है।
मंत्री मनोज उरांव ने बताया कि इस फैसले को लागू करने से पहले एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा, जिसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने वन विभाग में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने की भी चेतावनी दी।इस फैसले से पहाड़ और तराई क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने जा रही है। विकास व पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने की दिशा में यह एक अहम कदम माना जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

