माइथन डैम में बड़ा नाव हादसा टला, चालक की सूझबूझ से 14 पर्यटकों की बची जान
पश्चिम बर्दवान, 16 जून (हि. स.)। माइथन डैम (नहर) में मंगलवार को एक बड़ा नाव हादसा होते-होते टल गया। समय रहते स्थानीय नाव चालकों की तत्परता से बच्चों और महिलाओं समेत कुल 14 पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना के बाद एक बार फिर माइथन की पर्यटन सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल की ओर स्थित माइथन डैम के मजूमदार निवास क्षेत्र के नीचे बिहार घाट से 14 पर्यटकों का एक दल नाव से सबुज द्वीप घूमने के लिए निकला था। लेकिन नहर में जलस्तर सामान्य से काफी कम होने के कारण नाव पानी के अंदर मौजूद एक बड़े पत्थर से टकरा गई। टक्कर के कारण नाव का निचला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें तेजी से पानी भरने लगा। बीच नहर में नाव डूबने की आशंका से पर्यटक घबरा गए और मदद के लिए चिल्लाने लगे। इसी दौरान झारखंड के बाबू घाट से पर्यटकों को लेकर लौट रहे नाव चालक मोहम्मद ताजउद्दीन ने आवाज सुनकर तत्काल अपनी नाव लेकर घटनास्थल की ओर रुख किया। उन्होंने पहले यात्रियों को शांत कराया ताकि नाव असंतुलित होकर पलटे नहीं और फिर एक-एक कर सभी 14 पर्यटकों को सुरक्षित अपनी नाव में स्थानांतरित कर किनारे पहुंचाया।
बाबू घाट के प्रभारी मोंटू महतो ने बताया कि सूचना पाकर तुरंत बचाव कार्य शुरू कराया और सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए हैं। आरोप है कि नाव यात्रा के दौरान लाइफ जैकेट के इस्तेमाल को लेकर पर्याप्त निगरानी नहीं होती। इतने बड़े पर्यटन केंद्र में स्थायी लाइफ गार्ड या आपदा राहत दल की व्यवस्था नहीं होने की बात भी सामने आई है।
पर्यटकों ने मांग की है कि जलस्तर कम होने की स्थिति में जोखिम वाले मार्गों को चिह्नित किया जाए, लाइफ जैकेट अनिवार्य की जाए और स्थायी बचाव दल की तैनाती की जाए ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

