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हत्या मामले में अभिषेक बनर्जी के करीबी तृणमूल नेता मैदुल इस्लाम गिरफ्तार

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कोलकाता, 16 जून (हि.स.)। दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर पुलिस ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस के शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रमुख नेताओं में शामिल मैदुल इस्लाम को हत्या के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया। मैदुल इस्लाम को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता है। डायमंड हार्बर अभिषेक बनर्जी का लोकसभा क्षेत्र भी है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, मंगलवार सुबह मैदुल इस्लाम को उनके नेतरा स्थित आवास से पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। लंबी पूछताछ के बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।

बताया जा रहा है कि मैदुल इस्लाम पहले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) से जुड़े थे। बाद में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया और कम समय में ही पार्टी में प्रभावशाली स्थान हासिल कर लिया। उन्हें अभिषेक बनर्जी के करीबी सहयोगियों में गिना जाता है।

गौरतलब है कि सोमवार को जब अभिषेक बनर्जी प्राथमिक शिक्षक भर्ती भ्रष्टाचार मामले में प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष पूछताछ के लिए सॉल्ट लेक स्थित कार्यालय पहुंचे थे, तब मैदुल इस्लाम भी उनके साथ कार्यालय के प्रवेश द्वार तक मौजूद थे।

पुलिस ने मैदुल इस्लाम को वर्ष 2022 में दक्षिण 24 परगना के बोलसिद्धि कालीनगर ग्राम पंचायत के उपप्रधान देबब्रत भट्टाचार्य उर्फ निमाई की रहस्यमय मौत के मामले में गिरफ्तार किया है। जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि मृतक की मौत के बाद बरामद एक कथित सुसाइड नोट में मैदुल इस्लाम का नाम दर्ज था।

जांच अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की गुत्थी सुलझाने और मौत के पीछे की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए मैदुल इस्लाम से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ से मामले में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार तृणमूल नेता को मंगलवार को दक्षिण 24 परगना की जिला अदालत में पेश किया जाएगा। अभियोजन पक्ष उनकी पुलिस हिरासत की मांग कर सकता है ताकि मामले की आगे की जांच की जा सके।

गिरफ्तारी से एक दिन पहले मैदुल इस्लाम ने एक्स पर एक पोस्ट साझा कर दावा किया था कि विशेष कार्य बल उनके पीछे पड़ा हुआ है और उन्हें किसी भी समय गिरफ्तार किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि वह हमेशा अभिषेक बनर्जी और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ खड़े रहेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर