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नैहाटी थाने के प्रभारी महाबीर बेरा निलंबित, पुलिस वाहन में तृणमूल नेता को घुमाने का आरोप

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नैहाटी थाने के प्रभारी महाबीर बेरा निलंबित, पुलिस वाहन में तृणमूल नेता को घुमाने का आरोप


कोलकाता, 07 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग ने नैहाटी थाने के प्रभारी (आईसी) महाबीर बेरा को निलंबित कर दिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने नामांकन दाखिल करने के दौरान नैहाटी नगरपालिका के चेयरमैन को पुलिस की गाड़ी से महकमा शासक (एसडीओ) कार्यालय तक पहुंचाया था।

इस मामले की शिकायत भारतीय जनता पार्टी ने निर्वाचन आयोग से की थी, जिसके बाद सोमवार रात आयोग ने निलंबन का आदेश जारी किया।

जानकारी के अनुसार पहले चरण के चुनाव (23 अप्रैल) के लिए सोमवार नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन था। इसी दिन बैरकपुर महकमा शासक कार्यालय में नैहाटी से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार सनत डे ने अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान नैहाटी नगरपालिका के चेयरमैन अशोक चट्टोपाध्याय भी वहां मौजूद थे।

आरोप है कि अशोक चट्टोपाध्याय जिस वाहन से कार्यालय पहुंचे, वह पुलिस की गाड़ी थी और उन्हें वहां तक नैहाटी थाने के प्रभारी महाबीर बेरा लेकर गए थे।

इस घटना का एक वीडियो सामने आने का दावा करते हुए भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग राज्य पुलिस से निष्पक्ष कार्य कराने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इस तरह की घटनाएं आचार संहिता के उल्लंघन को दर्शाती हैं। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की।

इसके बाद निर्वाचन आयोग ने जारी आदेश में कहा कि महाबीर बेरा के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और जांच पूरी होने तक उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में उन्हें मूल वेतन का आधा हिस्सा तथा अन्य भत्ते नियमों के अनुसार दिए जाएंगे।

आयोग ने फिलहाल उपनिरीक्षक प्रकाश धाड़ा को नैहाटी थाने का नया प्रभारी नियुक्त किया है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले बासंती बाजार में भाजपा और तृणमूल समर्थकों के बीच हुई हिंसा के मामले में बासंती थाने के प्रभारी अभिजीत पाल को भी आयोग ने निलंबित किया था। इसके अलावा 31 मार्च को मतदान कर्मियों के प्रशिक्षण केंद्र में प्रोटोकॉल बनाए रखने में विफल रहने के आरोप में हांसखाली के बीडीओ सायंतन भट्टाचार्य को भी निलंबित किया गया था।

वहीं तृणमूल कांग्रेस के समर्थन में चुनाव प्रचार करने के आरोप में तीन अप्रैल को खंडघोष के संयुक्त बीडीओ ज्योत्स्ना खातून के खिलाफ भी आयोग ने निलंबन की कार्रवाई की थी।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर