ईडी दफ्तर पहुंचे ‘बागी’ तृणमूल विधायक मदन मित्रा, बोले- भ्रष्टाचार से कोई संबंध नहीं
कोलकाता, 29 जुलाई (हि. स.)। तृणमूल कांग्रेस के ‘बागी’ विधायक और कमारहाटी से विधायक मदन मित्रा बुधवार को साल्टलेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में प्रवर्तन निदेशालय के कार्यालय पहुंचे। नगर पालिका भर्ती मामले की जांच के सिलसिले में ईडी ने उनकी पत्नी और दो बेटों से पिछले सप्ताह अलग-अलग पूछताछ की थी। अब विधायक से भी केंद्रीय जांच एजेंसी पूछताछ कर रही है।
बुधवार दोपहर करीब 12 बजे ईडी कार्यालय पहुंचे मदन मित्रा ने स्पष्ट किया कि उनका किसी भी तरह के भ्रष्टाचार से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं किसी भ्रष्टाचार में शामिल नहीं हूं। ईडी ने बुलाया है, ईडी को सभी सवालों के जवाब दूंगा।
मदन मित्रा की पत्नी और दो बेटों को नगर पालिका भर्ती मामले की जांच के सिलसिले में 14 जुलाई को ईडी ने नोटिस भेजा था। इसके बाद पिछले सप्ताह बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को उन्हें सीजीओ कॉम्प्लेक्स में बुलाया गया था। बुधवार और गुरुवार को उनके दो बेटों शुभरूप और स्वरूप से पूछताछ हुई, जबकि शुक्रवार को उनकी पत्नी अर्चना मित्रा से पूछताछ की गई।
ईडी कार्यालय में प्रवेश के दौरान पत्रकारों ने उनसे उनके राजनीतिक रुख में बदलाव को लेकर भी सवाल किया। हालांकि, मदन मित्रा ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। गौरतलब है कि कभी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले मदन मित्रा ने हाल में तृणमूल के ऋतव्रत खेमे में शामिल हो गए और कालीघाट तृणमूल के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया।
उनके राजनीतिक पाला बदलने को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं कि क्या ईडी की जांच के दबाव में उन्होंने यह कदम उठाया। इससे पहले इस सवाल के जवाब में मदन मित्रा ने कहा था कि ईडी से ज्यादा खतरनाक एबी (अभिषेक बनर्जी) हैं। पार्टी छोड़ने का मुख्य कारण ही अभिषेक हैं।
बुधवार को ईडी कार्यालय के बाहर पत्रकारों की भीड़ देखकर मदन मित्रा ने हल्के अंदाज में कहा, “अगर आप लोग इस तरह एक साथ सवाल करके मुझे घायल कर देंगे, तो मैं किसी के सवाल का जवाब नहीं दे पाऊंगा।” उनकी पत्नी और बेटों को ईडी के समन तथा बैंक दस्तावेजों से जुड़े सवालों पर उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इनकार किया।
ईडी के अनुसार, टिटागढ़ नगरपालिका में कम से कम 125 लोगों को कथित तौर पर नकद रकम या सोने के बदले नौकरी दिलाई गई थी। इसी सिलसिले में जांच के दौरान मदन मित्रा का नाम सामने आया। गत 13 जून को ईडी ने मदन मित्रा से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया था और उनसे पूछताछ भी की थी।
ईडी सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नगरपालिका में नौकरी दिलाने के बदले किसी तरह का अवैध आर्थिक लेन-देन हुआ था या नहीं।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

